| बिलासपुर; अब बेटियों की ढाल बनेगा HPV टीका: बिलासपुर में सर्वाइकल कैंसर रोकथाम अभियान को मिली रफ्तार Aajtak24 News |
बिलासपुर - जिले में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए चलाया जा रहा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान अब तेजी पकड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की पहल से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों में जागरूकता बढ़ी है, जिसके चलते बड़ी संख्या में किशोरियां अपने अभिभावकों के साथ स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचकर टीका लगवा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इसे आने वाली पीढ़ी की बेटियों को गंभीर बीमारी से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। इनमें बेलगहना, टेंगनमाड़ा, बेलतरा, लखराम, चकरभाठा, करगीकला, पचपेड़ी, सीपत, बिल्हा, कोटा, मस्तूरी, रतनपुर, तखतपुर सहित जिला अस्पताल और कई शहरी पीएचसी शामिल हैं। टीकाकरण को आसान बनाने के लिए सरकार ने यू-विन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन सेल्फ रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी शुरू की है, जिससे अभिभावक घर बैठे ही पंजीकरण कर सकते हैं।
U-WIN Self Registration Portal
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गढ़ेवाल ने लोगों से अपील की है कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में तेजी से बढ़ने वाली गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर HPV वैक्सीन लगवाकर इससे काफी हद तक बचाव संभव है। उन्होंने अभिभावकों से अपनी बेटियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और अफवाहों से दूर रहकर वैज्ञानिक तथ्यों पर भरोसा करने की अपील की है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार HPV वायरस के कुछ प्रकार लंबे समय तक शरीर में बिना लक्षण के रह सकते हैं और आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर का कारण बनते हैं। किशोरावस्था में लगाया गया यह टीका शरीर में मजबूत प्रतिरोधक क्षमता विकसित करता है, जिससे भविष्य में संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण के लिए आयु सीमा भी तय की है। 14 वर्ष पूरी कर चुकी लेकिन 15 वर्ष से कम आयु की किशोरियां इस टीके के लिए पात्र हैं। आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र के माध्यम से आयु सत्यापन किया जा रहा है, साथ ही अभिभावक की सहमति अनिवार्य है। गांव-गांव में आशा कार्यकर्ता, मितानिन और स्वास्थ्य कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इसका असर यह है कि पहले जहां हिचकिचाहट थी, वहीं अब अभिभावक खुद आगे आकर अपनी बेटियों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या स्वास्थ्य विभाग के पास यह आंकड़ा है कि अब तक लक्ष्य के मुकाबले कितनी किशोरियों का वास्तविक HPV टीकाकरण पूरा हो चुका है, और क्या कोई जिला-वार कवरेज रिपोर्ट सार्वजनिक की जा रही है?
- ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी टीके को लेकर कई तरह की भ्रांतियां और डर मौजूद हैं—क्या जागरूकता अभियान की प्रभावशीलता को मापने के लिए कोई स्वतंत्र मूल्यांकन किया गया है?
- टीकाकरण केवल एक निश्चित आयु वर्ग तक सीमित है, तो क्या इससे बाहर रह जाने वाली लड़कियों के लिए भविष्य में कोई कैच-अप रणनीति या अतिरिक्त सुरक्षा योजना तैयार की गई है?