| बिलासपुर ; जनजातीय गरिमा उत्सव की तैयारियां तेज: 18 से 25 मई तक गांव-गांव पहुंचेगा शासन Aajtak24 News |
बिलासपुर - जिले में 18 मई से 25 मई 2026 तक भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जनजातीय गरिमा उत्सव जन भागीदारी अभियान संचालित किया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से जनजातीय समुदायों तक शासन की योजनाओं और सेवाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।अभियान की तैयारियों को लेकर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अभियान के सफल संचालन, जनजागरूकता गतिविधियों और विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रमुख सचिव, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग श्री सोनमणि वोरा ने भी अधिकारियों को मार्गदर्शन देते हुए अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस अभियान के दौरान जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, जनसुनवाई, शिकायत निवारण और जागरूकता कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका वास्तविक प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए, जिससे अंतिम व्यक्ति तक शासन की पहुंच सुनिश्चित हो सके। अभियान के अंतर्गत जिले में विभिन्न स्थानों पर शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जहां विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर ही समस्याओं के समाधान की भी व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा जनजागरूकता गतिविधियां भी चलाई जाएंगी।
प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि प्रत्येक कार्यक्रम की दैनिक प्रगति रिपोर्ट और फोटोग्राफ निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किए जाएं, जिससे पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित हो सके। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जनजातीय क्षेत्रों में अब तक कई योजनाओं के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं है—क्या यह अभियान पुरानी कमियों को स्वीकार करने का संकेत है या नए परिणाम देने का ठोस रोडमैप है?
- दैनिक प्रगति रिपोर्ट और फोटो अपलोड की व्यवस्था तो है, लेकिन क्या प्रशासन के पास कोई स्वतंत्र मूल्यांकन प्रणाली है जो यह बताए कि इन अभियानों का वास्तविक प्रभाव जमीन पर कितना पड़ा?
- क्या यह सुनिश्चित किया गया है कि अभियान के दौरान केवल प्रचारात्मक गतिविधियां नहीं हों, बल्कि लंबे समय से लंबित समस्याओं (जमीन, स्वास्थ्य, शिक्षा) का स्थायी समाधान भी हो?