दुर्ग; एक बाल्टी पानी भी बन सकती है बीमारी का कारण, निगम-स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट

दुर्ग; एक बाल्टी पानी भी बन सकती है बीमारी का कारण, निगम-स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट

दुर्ग - आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए जलजनित एवं मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को नगर पालिका निगम भिलाई कार्यालय में एक महत्वपूर्ण अंतरविभागीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें डायरिया, पीलिया, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम तथा जनजागरूकता अभियान की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में नगर निगम भिलाई के आयुक्त राजीव पांडे की उपस्थिति में स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों ने जलजनित और वेक्टर जनित रोगों के खतरे तथा उनके नियंत्रण के उपायों पर जानकारी साझा की। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सीबीएस बंजारे ने जलजनित मौसमी बीमारियों के कारणों और बचाव के उपायों पर प्रकाश डाला, जबकि जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. रश्मि ग्लैड ने डेंगू और मलेरिया जैसे रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी से प्राप्त जानकारी के अनुसार बैठक में वर्षा ऋतु के पूर्व आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की गई। आयुक्त ने निर्देश दिए कि निगम क्षेत्र में बड़ी और चौड़ी नालियों का चिन्हांकन कर उनकी समय रहते सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो और मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पूर्व वर्षों में डायरिया और पीलिया से प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। ऐसे क्षेत्रों के पेयजल स्रोतों की जांच के लिए जोन स्तर पर नमूने लिए जाएंगे और जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जाएगी। इससे संभावित संक्रमणों की समय रहते पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए जनसहभागिता बेहद जरूरी है। इसके तहत नगर निगम कर्मचारियों और जिला मलेरिया विभाग के सर्विलांस कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। नागरिकों को कूलर, पानी की टंकियों, ड्रम और अन्य जल संग्रहण पात्रों का पानी सप्ताह में कम से कम एक बार पूरी तरह खाली करने तथा साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी जाएगी। बैठक में नगर निगम भिलाई के स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक के.के. सिंह, जिला महामारी विशेषज्ञ रितिका सोनवानी, सर्विलांस इंस्पेक्टर विवेक कपरे, वीबीडीटीएस लकी दूबे, सभी जोन आयुक्तों तथा भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशासन का मानना है कि समय रहते की गई तैयारी, साफ-सफाई और जनजागरूकता अभियान के माध्यम से वर्षा ऋतु में फैलने वाली बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है तथा नागरिकों के स्वास्थ्य की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. हर वर्ष बारिश से पहले डेंगू और डायरिया रोकथाम की तैयारियों का दावा किया जाता है, फिर भी प्रभावित क्षेत्रों में मामलों की संख्या क्यों बढ़ती है और इसके लिए किसकी जवाबदेही तय होती है?

2. पिछले वर्ष जिन क्षेत्रों में डायरिया और पीलिया के मामले सामने आए थे, वहां अब तक स्थायी समाधान के लिए क्या ठोस कार्य किए गए हैं और उनकी स्थिति क्या है?

3. नालियों की सफाई और जल स्रोतों की जांच के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन यदि वर्षा शुरू होने के बाद भी कहीं जलभराव या दूषित पेयजल की शिकायत मिलती है तो संबंधित अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी?

Post a Comment

Previous Post Next Post