सक्ती; सुशासन तिहार का असर! 20 पंचायतों के ग्रामीण पहुंचे, सैकड़ों समस्याओं पर हुई सुनवाई

सक्ती; सुशासन तिहार का असर! 20 पंचायतों के ग्रामीण पहुंचे, सैकड़ों समस्याओं पर हुई सुनवाई

सक्ती - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुसार शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत शुक्रवार को जैजैपुर विकासखंड के ग्राम मल्दा में जनसमस्या निवारण एवं समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 20 ग्राम पंचायतों के बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और अपनी समस्याओं तथा मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।

क्लस्टर मल्दा के अंतर्गत मल्दा, अमोदा, करही, किकिरदा, कैथा, गुडरूकला, गुंजियाबोड़, घिवरा, चिस्दा, झरप, डोटमा, डोमाडीह, देवरीमठ, धमनी, नगारीडीह, परसदा, पेंड्री, बरेकेलकला, लालमाटी एवं हसौद ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने शिविर में भाग लिया। शिविर के दौरान कुल 642 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 224 आवेदनों का मौके पर ही त्वरित निराकरण कर दिया गया। वहीं शेष 418 आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों को भेजते हुए शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को प्रदान किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पांच हितग्राहियों को आवास स्वीकृति की चाबी सौंपी गई। खाद्य विभाग ने राशन कार्ड वितरित किए, स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान कार्ड प्रदान किए, जबकि मत्स्य पालन विभाग ने हितग्राहियों को जाल और आइस बॉक्स उपलब्ध कराए। इसके अलावा अन्य विभागों द्वारा भी पात्र लोगों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

शिविर को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक निर्मल सिन्हा ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल शिकायतें प्राप्त करना नहीं बल्कि उनका संवेदनशीलता के साथ प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि शिविर की सफलता तभी मानी जाएगी जब प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का समयबद्ध निराकरण हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाया जाए तथा बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

समाधान शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर लोगों को योजनाओं की जानकारी भी दी गई। महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, आयुष, कृषि, उद्यानिकी, पशुधन विकास, राजस्व, खाद्य, सहकारिता, श्रम, मत्स्य पालन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल संसाधन, बिजली, लोक निर्माण तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अनेक विभागों ने अपने-अपने स्टॉल के माध्यम से नागरिकों को जानकारी और सेवाएं उपलब्ध कराईं।

शिविर में स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग की टीमों ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया। वहीं जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित विभिन्न पुस्तिकाओं और प्रचार सामग्री का वितरण कर शासन की योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी लोगों तक पहुंचाई गई। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने जल संरक्षण का सामूहिक संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती जानकी सत्यनारायण चन्द्रा, श्री राजेश लहरे, जनपद पंचायत जैजैपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप कश्यप, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, सरपंच, सचिव, स्व-सहायता समूहों की महिला सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. शिविर में प्राप्त 642 आवेदनों में से केवल 224 का मौके पर निराकरण हुआ। शेष 418 आवेदनों के समाधान के लिए क्या कोई निश्चित समय-सीमा तय की गई है और इसकी सार्वजनिक मॉनिटरिंग कैसे होगी?

2. सुशासन तिहार के तहत लगातार शिविर लगाए जा रहे हैं, लेकिन पिछले वर्षों में प्राप्त शिकायतों में से कितनी शिकायतों का स्थायी समाधान हुआ और कितनी आज भी लंबित हैं?

3. यदि किसी ग्रामीण की शिकायत शिविर में आवेदन देने के बाद भी महीनों तक हल नहीं होती, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करने के लिए क्या कार्रवाई की जाएगी?

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