| कोरबा; सीतामणी की रात बनी खूनी वारदात: पुरानी रंजिश में युवक पर ईंट और पंच से हमला |
कोरबा - कोरबा पुलिस ने “सजग कोरबा सतर्क कोरबा” अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए पुरानी रंजिश में युवक पर जानलेवा हमला करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के सीतामणी इलाके की है, जहां मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और युवक को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाना पड़ा। पुलिस के मुताबिक प्रार्थी रजनीश शर्मा ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई कि 20 मई 2026 की रात उसका बड़ा भाई रोशन शर्मा सीतामणी चौक से सामान लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश को लेकर आरोपियों ने रास्ता रोककर गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने हाथ-मुक्कों, ईंट और पंच से हमला कर दिया। हमले में रोशन शर्मा के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
घटना के बाद घायल युवक को पहले जिला अस्पताल कोरबा में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे रायपुर रेफर करना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 468/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में नागेश यादव उर्फ मदरासी, रिकु यादव और आलोक यादव शामिल हैं। तीनों आरोपी कोरबा के सीतामणी और गोकुलनगर इलाके के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में असामाजिक तत्वों और आपराधिक गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। “सजग कोरबा सतर्क कोरबा” अभियान के तहत पुलिस न केवल अपराधियों पर कार्रवाई कर रही है, बल्कि आम लोगों से भी विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लेने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुरानी रंजिश और छोटी-छोटी बातों पर बढ़ती हिंसक घटनाएं शहर में चिंता का विषय बनती जा रही हैं। ऐसे मामलों में समय रहते पुलिस हस्तक्षेप और सामाजिक स्तर पर समझाइश की जरूरत महसूस की जा रही है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- सीतामणी इलाके में पुरानी रंजिश को लेकर तनाव पहले से था तो क्या स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी थी, और यदि थी तो समय रहते रोकथाम के कदम क्यों नहीं उठाए गए?
- घटना में ईंट और पंच जैसे हथियारों का इस्तेमाल हुआ, क्या पुलिस को आशंका है कि आरोपी पहले से हमले की योजना बनाकर आए थे?
- ‘सजग कोरबा सतर्क कोरबा’ अभियान के बावजूद शहर में रंजिश आधारित हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं, तो क्या पुलिस इस अभियान के प्रभाव का स्वतंत्र मूल्यांकन कर रही है?