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| सागर संभाग में कमिश्नर का बड़ा आदेश — नकली खाद्य बेचने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई |
पन्ना - सागर संभाग में मिलावटी और दूषित खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ अब प्रशासन सख्त कार्रवाई के मूड में नजर आ रहा है। संभागायुक्त अनिल सुचारी ने सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अमानक और मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाए और नियमित रूप से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच की जाए। संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में कमिश्नर ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप बाजारों से खाद्य सामग्री के नमूने लेकर जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कमिश्नर ने यह भी कहा कि केवल कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों में मिलावटी और दूषित खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। इसके लिए समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि लोग सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की पहचान कर सकें। बैठक में खाद्य एवं औषधि प्रशासन, नगरीय प्रशासन, जनजातीय कार्य विभाग और स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा भी की गई। गेहूं उपार्जन कार्य की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने निर्देश दिए कि उपार्जन केंद्रों से गेहूं का तेजी से उठाव कर भंडारण केंद्रों तक पहुंचाया जाए और किसानों को भुगतान समय पर मिले।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पात्र हितग्राहियों तक योजना का लाभ तेजी से पहुंचाया जाए। वहीं नगरीय क्षेत्रों में शौचालय निर्माण कार्यों को गति देने और समुचित भूमि आवंटन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में अमृत धारा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और वन अधिकार अधिनियम से जुड़े प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। प्रशासन का कहना है कि आम जनता को बेहतर सेवाएं और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। हालांकि लगातार निर्देशों और अभियानों के बावजूद बाजारों में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रुक नहीं पा रही है, जिससे प्रशासनिक निगरानी और कार्रवाई की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या प्रशासन यह सार्वजनिक करेगा कि पिछले एक वर्ष में मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वाले कितने कारोबारियों पर वास्तविक कानूनी कार्रवाई हुई और कितनों को सजा मिली?
- त्योहारों और शादी सीजन में मिलावट के मामले बढ़ने के बावजूद क्या खाद्य सुरक्षा विभाग के पास पर्याप्त जांच स्टाफ और संसाधन मौजूद हैं?
- क्या खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट और दोषी दुकानों की सूची सार्वजनिक पोर्टल पर जारी करने की कोई योजना है ताकि उपभोक्ता खुद सतर्क रह सकें?
