| जशपुर; जंगल के रास्ते ‘मौत की मंडी’ ले जाए जा रहे थे गौवंश, पुलिस ने ऑपरेशन शंखनाद में तस्कर दबोचा |
जशपुर - छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चौकी सोन क्यारी क्षेत्र के जंगलों में 6 गौवंशों को कथित रूप से तस्करी के लिए ले जाए जा रहे एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कराते हुए आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, 27 मई 2026 को चौकी सोन क्यारी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति ग्राम झरगांव छाता टांगर के जंगल मार्ग से गौवंशों को मारते-पीटते हुए तेजी से पैदल लेकर जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और तत्काल मौके के लिए रवाना हुई।
जंगल में घेराबंदी के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को 6 गौवंशों के साथ पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सूरज भगत (35 वर्ष) निवासी ग्राम बछरांव, थाना नारायणपुर, जिला जशपुर बताया। पुलिस द्वारा गौवंशों से संबंधित वैध दस्तावेज मांगने पर आरोपी कोई कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सभी 6 गौवंशों को बरामद करते हुए उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 के तहत मामला दर्ज किया। पूछताछ में आरोपी ने कथित रूप से स्वीकार किया कि वह गौवंशों को कुछ अन्य लोगों के कहने पर लेकर जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो अन्य संदिग्धों की पहचान कर ली है और उनकी तलाश जारी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह मामला संगठित गौ तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। मामले की जांच के दौरान यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर जंगल के रास्तों का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा था और इन गौवंशों को कहां ले जाया जा रहा था। इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी सोन क्यारी सहायक उपनिरीक्षक वैभव कुमार सिंह, प्रधान आरक्षक प्रदीप लकड़ा, आरक्षक नरेंद्र यादव और विमल मिंज की अहम भूमिका रही। मामले को लेकर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस गौ तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।