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| बुरहानपुर कलेक्टर का सख्त संदेश, स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग में बढ़ेगी जवाबदेही |
बुरहानपुर - जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर हर्ष सिंह ने जिला स्वास्थ्य समिति एवं महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्य में उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी किए जाएं तथा सुधार नहीं होने पर वेतन रोकने जैसी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने और जमीनी स्तर पर परिणाम देने पर जोर दिया।
गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों पर विशेष फोकस
बैठक में गंभीर कुपोषित (SAM) एवं मध्यम कुपोषित (MAM) बच्चों की स्थिति तथा गर्भवती महिलाओं के पंजीयन की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए और पोषण सुधार की दिशा में प्रभावी कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग मिलकर कार्य करें ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार लाया जा सके।
टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति पर समीक्षा
कलेक्टर ने जिले में संचालित 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए टीबी मरीजों को फूड बास्केट वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल उपचार ही नहीं, बल्कि मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराना भी आवश्यक है ताकि वे जल्दी स्वस्थ हो सकें। बैठक में ब्लड बैंक की जांच प्रक्रिया और स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी ली गई।
योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश
महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने लाड़ली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, दस्तक अभियान, पोषण ट्रैकर, अपार आईडी और आधार कार्ड संबंधी कार्यों की प्रगति जानी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाए तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले, यह सुनिश्चित किया जाए।
नियमित मॉनिटरिंग पर जोर
कलेक्टर हर्ष सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि मैदानी अमले की सक्रियता बढ़ाने के लिए नियमित बैठकें आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि केवल रिपोर्ट तैयार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग और परिणामों की समीक्षा भी जरूरी है। बैठक में सीईओ जिला पंचायत सृजन वर्मा सहित स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
पुनर्घनत्वीकरण योजना की भी हुई समीक्षा
इसी क्रम में कलेक्टर की अध्यक्षता में पुनर्घनत्वीकरण योजना की जिला स्तरीय परियोजना समिति की बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में योजना अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों और परियोजनाओं की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया गया।
