बड़वानी; खाद के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, पानी भी नहीं रुकेगा: बड़वानी कलेक्टर का सख्त एक्शन प्लान

बड़वानी; खाद के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, पानी भी नहीं रुकेगा: बड़वानी कलेक्टर का सख्त एक्शन प्लान

बड़वानी - जिले में पेयजल आपूर्ति और खाद वितरण व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर जयति सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसानों को खाद के लिए परेशान न होना पड़े और गर्मी के मौसम में आमजन को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। कलेक्ट्रेट सभागृह में आयोजित बैठक में सहकारिता, कृषि, मार्कफेड, राजस्व तथा नगरीय निकायों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में खाद वितरण, जल गंगा संवर्धन अभियान, पेयजल व्यवस्था और जनसुनवाई के लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई।

खाद नहीं तो तुरंत मिलेगा ई-टोकन

कलेक्टर ने खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कृषि और मार्कफेड विभाग को निर्देश दिए कि जिले में लक्ष्य के अनुरूप उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी निजी विक्रेता के पास खाद उपलब्ध नहीं है तो वहां पहुंचे किसानों को निराश लौटने की जरूरत नहीं होगी। ऐसी स्थिति में संबंधित किसान का तत्काल ई-टोकन जनरेट किया जाएगा और उसे मार्कफेड के डबल लॉक केंद्र पर भेजा जाएगा, जहां से उसे खाद उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना और अनावश्यक भीड़ व अव्यवस्था को रोकना है।

पेयजल आपूर्ति में बाधा बर्दाश्त नहीं

ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को देखते हुए कलेक्टर ने जिले के सभी नगरीय निकायों के सीएमओ और जनपद सीईओ से पेयजल व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेयजल आपूर्ति एक सतत प्रक्रिया है और इसमें किसी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति है, वहां निजी बोरवेल अधिग्रहित करने और ट्रैक्टर-टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। शहरी क्षेत्रों में पानी की कमी दूर करने के लिए पंचायतों के टैंकरों का उपयोग करने पर भी जोर दिया गया।

बिजली कटौती से प्रभावित नहीं होगी जलापूर्ति

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पानी की टंकियां भरते समय विद्युत आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए विद्युत विभाग और जलापूर्ति एजेंसियों के बीच नियमित समन्वय बनाए रखा जाए। इसके अलावा पेयजल संबंधी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए जिले में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।

राजपुर की जल समस्या पर नाराजगी

बैठक के दौरान राजपुर क्षेत्र में हाल ही में सामने आई पेयजल समस्याओं पर चर्चा हुई। इस दौरान सीएमओ राजपुर द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर कलेक्टर जयति सिंह ने नाराजगी व्यक्त की और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। यह कार्रवाई प्रशासन की उस गंभीरता को दर्शाती है जिसके तहत पेयजल संकट के मामलों में जवाबदेही तय की जा रही है।

जल गंगा अभियान और जनसुनवाई की समीक्षा

कलेक्टर ने जल स्रोतों के संरक्षण के लिए संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को संशोधित लक्ष्य के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यस्थलों पर श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर कार्यों को गति देने पर भी जोर दिया। साथ ही जनसुनवाई के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. यदि निजी डीलरों के पास खाद उपलब्ध नहीं है तो ऐसी स्थिति बनने से पहले प्रशासन ने स्टॉक की निगरानी क्यों नहीं की? क्या खाद आपूर्ति तंत्र में कहीं गंभीर खामी है?

2. राजपुर में पेयजल संकट पर सीएमओ को नोटिस दिया गया है। क्या केवल नोटिस से समस्या हल होगी या जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी?

3. हर साल गर्मियों में टैंकर और निजी बोरवेलों के सहारे जलापूर्ति की नौबत आती है। जिले में स्थायी पेयजल समाधान की दिशा में अब तक कौन-से बड़े प्रोजेक्ट जमीन पर उतरे हैं और उनका क्या परिणाम रहा है?

Post a Comment

Previous Post Next Post