दतिया;फल मंडी में छापा, लेकिन सवाल अभी बाकी! मिलावट के खिलाफ कार्रवाई या सिर्फ खानापूर्ति?

दतिया;फल मंडी में छापा, लेकिन सवाल अभी बाकी! मिलावट के खिलाफ कार्रवाई या सिर्फ खानापूर्ति?

दतिया - मध्यप्रदेश शासन द्वारा चलाए जा रहे “एंटी एडल्टरेशन अभियान 2026” के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन दतिया ने शहर के विभिन्न फल भंडारण गृहों, फल विक्रय केंद्रों और मिष्ठान दुकानों पर छापामार निरीक्षण कार्रवाई की। कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में अधिकारियों ने पुरानी सब्जी मंडी, पीतांबरा पीठ क्षेत्र और बस स्टैंड इलाके के कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पुरानी सब्जी मंडी स्थित गोकुल फल भंडार का निरीक्षण प्रोपराइटर गोकुलदास बजाज की मौजूदगी में किया। निरीक्षण के दौरान मौके पर कैल्शियम कार्बाइड जैसा कोई संदिग्ध रसायन नहीं मिला, लेकिन जांच के लिए केले और आम के नमूने संग्रहित किए गए। इसी क्रम में मंगल फ्रूट भंडार पर भी कार्रवाई की गई, जहां प्रोपराइटर मंगल खान की उपस्थिति में फल के सैंपल लिए गए।

टीम ने पीतांबरा पीठ राजगढ़ चौराहा और उत्तरी गेट क्षेत्र में स्थित प्रसाद भंडारों और खाद्य प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया। दुकानदारों को खाद्य पदार्थ ढककर रखने, साफ-सफाई बनाए रखने और स्वच्छ वातावरण में बिक्री करने के निर्देश दिए गए। वहीं बस स्टैंड क्षेत्र में संचालित मिष्ठान दुकानों पर भी अधिकारियों ने निरीक्षण करते हुए खुले में गैस चूल्हे पर खाद्य सामग्री तैयार नहीं करने की समझाइश दी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा लिए गए सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आम जनता को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। गर्मी के मौसम में फलों को जल्दी पकाने और चमकदार दिखाने के लिए रसायनों के उपयोग की शिकायतों को देखते हुए विभाग सतर्कता बरत रहा है। हालांकि कार्रवाई के बीच कई ऐसे सवाल भी खड़े हो रहे हैं, जिनका जवाब अब प्रशासन और खाद्य विभाग को देना पड़ सकता है। शहर में वर्षों से चल रही फल मंडियों और मिठाई दुकानों की नियमित निगरानी को लेकर आमजन में भी चर्चा तेज है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. अगर कार्बाइड नहीं मिला तो क्या विभाग यह गारंटी देता है कि दतिया में बिक रहे सभी फल पूरी तरह केमिकल मुक्त हैं, या जांच सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई है?

2. हर साल गर्मियों में फल और मिठाई दुकानों पर कार्रवाई होती है, लेकिन अब तक कितने कारोबारियों के लाइसेंस रद्द हुए या कितनों पर ठोस कानूनी कार्रवाई हुई?

3. जब बस स्टैंड और धार्मिक क्षेत्रों में खुले में खाद्य सामग्री बनती और बिकती रही, तो खाद्य विभाग अब तक नियमित निगरानी क्यों नहीं कर पाया?

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