राजनांदगांव; पल्सर की सीट बनी ‘गांजा तस्करी’ का गुप्त ठिकाना: चिखली पुलिस ने बीच रास्ते दबोचे दो आरोपी

राजनांदगांव; पल्सर की सीट बनी ‘गांजा तस्करी’ का गुप्त ठिकाना: चिखली पुलिस ने बीच रास्ते दबोचे दो आरोपी

राजनांदगांव - चिखली पुलिस चौकी और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने नशा मुक्त अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध गांजा परिवहन करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी बाइक की सीट के नीचे गांजा छिपाकर परिवहन कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 6.847 किलोग्राम गांजा और एक पल्सर मोटरसाइकिल जब्त की है। यह कार्रवाई अंकिता शर्मा के निर्देशन, कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन और वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में की गई। जिले में अवैध गांजा, शराब बिक्री और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

पुलिस को सूचना मिली थी कि दो युवक काले-नीले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल क्रमांक CG 08 AQ 6359 में गांजा लेकर ग्राम बोईरडीह की ओर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर चौकी चिखली पुलिस ने ग्राम भाठागांव से बोईरडीह जाने वाले मार्ग पर वाहन चेकिंग शुरू की। इसी दौरान कोमल किराना दुकान के पास संदिग्ध बाइक को रोककर घेराबंदी की गई। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम चेतन दास मानिकपुरी और टैलेश चतुर्वेदी बताए। तलाशी लेने पर बाइक की सीट के नीचे और एक थैले में छिपाकर रखा गया गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने करीब 68 हजार 470 रुपए कीमत का गांजा और 30 हजार रुपए कीमत की पल्सर बाइक जब्त कर ली।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी चेतन दास मानिकपुरी के खिलाफ पहले से आबकारी एक्ट और अन्य आपराधिक मामलों में केस दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। कार्रवाई में कैलाश चन्द्र मरई, विनय पम्मार सहित चौकी चिखली स्टाफ और साइबर सेल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. आरोपी चेतन दास मानिकपुरी के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज थे, फिर भी वह खुलेआम नशे के कारोबार में सक्रिय कैसे रहा? क्या उसकी गतिविधियों पर पर्याप्त निगरानी नहीं थी?
  2. गांजा तस्करी के लिए बाइक की सीट में छिपाने जैसी तकनीक इस्तेमाल हो रही है, क्या पुलिस को आशंका है कि जिले में इससे बड़ा संगठित नेटवर्क सक्रिय है?
  3. नशा मुक्त अभियान लगातार चलाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन क्या पुलिस के पास यह आंकड़ा है कि पिछले एक साल में जिले में नशे की तस्करी और खपत में वास्तव में कितनी कमी आई है?

Post a Comment

Previous Post Next Post