श्योपुर की बैठक में वादों की रफ्तार तेज, अब जनता पूछेगी—काम कब दिखेगा?

 श्योपुर की बैठक में वादों की रफ्तार तेज, अब जनता पूछेगी—काम कब दिखेगा?

श्योपुर - श्योपुर जिले के विकास को गति देने और लंबित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए शुक्रवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने की। बैठक में विकास योजनाओं की प्रगति, बुनियादी ढांचे, पर्यटन, शिक्षा, पेयजल और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। सांसद ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कहा कि जिले के विकास के लिए समन्वय आधारित कार्य संस्कृति अपनाई जाए और ऐसे प्रोजेक्ट तैयार किए जाएं जिन्हें उच्च स्तर पर स्वीकृति दिलाई जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि जिन योजनाओं की फाइलें एनओसी या तकनीकी मंजूरी के कारण अटकी हैं, उनकी सूची उपलब्ध कराई जाए।

बैठक का सबसे बड़ा फोकस श्योपुर तक ब्रॉडगेज रेल लाइन रहा। समीक्षा के दौरान रेलवे अधिकारियों ने जानकारी दी कि वीरपुर तक ट्रैक का कार्य और ट्रायल पूरा हो चुका है तथा मार्च 2027 तक श्योपुर तक ट्रैक कार्य पूर्ण कर ट्रायल करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही पुराने रेलवे स्टेशन से नवीन स्टेशन बर्धा बुजुर्ग तक सड़क निर्माण को लेकर प्रस्ताव तैयार करने की बात भी सामने आई। वन एवं पर्यटन क्षेत्र की समीक्षा में सांसद ने चीता प्रोजेक्ट को जिले की पहचान से जोड़ते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रमुख मार्गों और आसपास के जिलों में प्रचार सामग्री लगाने तथा टिकटोली क्षेत्र से पर्यटन गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही सेसईपुरा से टिकटोली तक सड़क विस्तार का प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

शिक्षा क्षेत्र में निर्माणाधीन सांदीपनि स्कूलों के कार्यों को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। सांसद ने शाला भवनों की मरम्मत और अधूरी परियोजनाओं को जल्द पूरा करने की जरूरत बताई। बैठक में सड़क और पुल परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि मानपुर पुल को वर्षाकाल से पहले शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि मेडिकल कॉलेज मार्ग पर निर्माणाधीन पुल दिसंबर तक पूरा होने की संभावना है। जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान सांसद ने नल-जल योजनाओं के सत्यापन में जनप्रतिनिधियों को शामिल करने और गांवों तक वास्तविक लाभ पहुंचाने पर जोर दिया। श्योपुर और विजयपुर विधानसभा क्षेत्रों में चयनित गांवों में योजनाओं का सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य समीक्षा के दौरान सांसद ने राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 100 फूड बॉस्केट उपलब्ध कराने की घोषणा की। वहीं ग्रामीण संपर्क को मजबूत करने के लिए पीएम जनमन और मजरा टोला योजना के अंतर्गत नई सड़कों के प्रस्तावों की जानकारी भी साझा की गई। बैठक में प्रशासन ने विकास की गति तेज करने का भरोसा दिया, लेकिन अब लोगों की नजर तय समयसीमा और वास्तविक क्रियान्वयन पर रहेगी।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. श्योपुर ब्रॉडगेज लाइन के लिए मार्च 2027 की समयसीमा तय की गई है—अगर लक्ष्य समय पर पूरा नहीं हुआ तो जवाबदेही किस स्तर पर तय होगी?

2. दिशा समिति की पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों में से कितने काम जमीन पर पूरे हुए और कितने अभी भी कागजों में लंबित हैं?

3. चीता प्रोजेक्ट और पर्यटन विस्तार पर करोड़ों की योजनाएं बन रही हैं—लेकिन क्या आसपास के गांवों में सड़क, पानी और रोजगार की मूल जरूरतें उसी गति से पूरी हो रही हैं?

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