कलेक्टर की मैराथन समीक्षा बैठक में हर विभाग को मिला अल्टीमेटम, जनता तक कब पहुंचेगा असली लाभ?

कलेक्टर की मैराथन समीक्षा बैठक में हर विभाग को मिला अल्टीमेटम, जनता तक कब पहुंचेगा असली लाभ?

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर  - जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर आयोजित समय-सीमा बैठक इस बार केवल औपचारिक समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह बैठक विभागों की वास्तविक कार्यप्रणाली और योजनाओं के जमीनी असर की पड़ताल का मंच बन गई। जिला कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने स्पष्ट संदेश दिया कि शासन की योजनाएं सिर्फ कागजों और प्रस्तुतियों में नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक दिखाई देनी चाहिए।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कृषि, पंचायत, ऊर्जा, जल संसाधन, पीएचई, खाद्य, वन, खनिज, लोक निर्माण सहित कई विभागों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कार्यालयों तक सीमित न रहें और गांवों में जाकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का सत्यापन करें।

ईंधन को लेकर अफवाहों से बचने की अपील, आपूर्ति सामान्य रखने के निर्देश

बैठक में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में ईंधन आपूर्ति बनाए रखने के प्रयास जारी हैं और नागरिकों से आवश्यकता अनुसार ही उपयोग करने की अपील की गई। साथ ही राशन वितरण व्यवस्था और पात्र हितग्राहियों तक समय पर लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया।

पीएम आवास और सड़क निर्माण की हुई गहन समीक्षा

प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की प्रगति पर विशेष फोकस रहा। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयसीमा और मॉनिटरिंग पर सवाल उठाए गए। जिले की सड़कों की प्रगति रिपोर्ट, लागत और वर्तमान स्थिति का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए।

फील्ड विजिट अनिवार्य, गैर मौजूदगी पर कार्रवाई के संकेत

कलेक्टर ने सचिव, पटवारी, शिक्षक, डॉक्टर, नर्स, पीएचई कर्मचारी और अन्य मैदानी अमले की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। उनका स्पष्ट संदेश रहा कि समस्याओं का समाधान बैठकों से नहीं, जमीन पर मौजूदगी से होगा।

खाद-बीज, स्वास्थ्य और जल जीवन मिशन पर सतर्कता

खरीफ सीजन को देखते हुए खाद-बीज भंडारण की समीक्षा की गई और किसानों को समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को मौसमी बीमारियों के लिए अग्रिम तैयारी करने को कहा गया। वहीं जल जीवन मिशन और सोलर आधारित पेयजल योजनाओं में देरी पर नाराजगी भी जताई गई।

डिजिटल प्रशासन और जवाबदेही पर जोर

ई-ऑफिस, सेवा सेतु और डिजिटल शासन मॉडल को तेज करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और जनता को सेवाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. आपने फील्ड विजिट और मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं—क्या प्रशासन विभागवार कोई सार्वजनिक रिपोर्ट या डैशबोर्ड जारी करेगा जिससे नागरिक भी प्रगति देख सकें?

2. जिन योजनाओं की प्रगति लगातार धीमी पाई जा रही है, क्या अब तक किसी अधिकारी या एजेंसी पर जवाबदेही तय कर कार्रवाई की गई है?

3. जिले में योजनाओं की समीक्षा नियमित हो रही है, लेकिन लाभार्थियों तक वास्तविक पहुंच मापने के लिए प्रशासन के पास कौन-सा स्वतंत्र मूल्यांकन तंत्र मौजूद है?

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