27 सप्ताह के गर्भ जितनी विशाल गांठ… मौत के मुहाने से महिला को वापस लाई सिम्स की डॉक्टर टीम Aajtak24 News

27 सप्ताह के गर्भ जितनी विशाल गांठ… मौत के मुहाने से महिला को वापस लाई सिम्स की डॉक्टर टीम Aajtak24 News

बिलासपुर - शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं सिम्स अस्पताल बिलासपुर में चिकित्सकों की टीम ने एक ऐसी जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया, जिसे चिकित्सा दृष्टि से दुर्लभ और अत्यधिक जोखिमपूर्ण माना जा रहा है। लगभग 27 सप्ताह के गर्भ के बराबर आकार की विशाल संक्रमित गांठ निकालकर डॉक्टरों ने एक महिला मरीज को नया जीवन दिया। जानकारी के अनुसार 45 वर्षीय दुजी बाई को गंभीर हालत में जिला अस्पताल जीपीएम से सिम्स रेफर किया गया था। मरीज पिछले करीब दो वर्षों से लगातार पेट दर्द, अत्यधिक रक्तस्राव, कमजोरी और शारीरिक असहजता से जूझ रही थीं। जांच के दौरान चिकित्सकों ने पाया कि गर्भाशय के मुंह में लगभग 15×14 सेंटीमीटर का विशाल सर्वाइकल फाइब्रॉइड पॉलीप विकसित हो चुका था।

डॉक्टरों के अनुसार यह गांठ केवल आकार में बड़ी नहीं थी, बल्कि संक्रमित भी हो चुकी थी। इसका दबाव पेट के निचले हिस्से, मूत्र तंत्र और किडनी तक पहुंच रहा था। लगातार रक्तस्राव और संक्रमण के कारण मरीज की स्थिति गंभीर और जानलेवा होती जा रही थी। स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ टीम बनाई गई। कई घंटे तक चली इस जटिल सर्जरी में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता रमन जोगी, सह प्राध्यापक डॉ. दीपिका सिंह, डॉ. रचना जैन, डॉ. सोमा वेंकट और वरिष्ठ रेजिडेंट डॉ. आकृति यादव ने मिलकर ऑपरेशन किया।

ऑपरेशन के दौरान सबसे बड़ी चुनौती अत्यधिक रक्तस्राव को नियंत्रित करना और आसपास के संवेदनशील अंगों को सुरक्षित रखना था। डॉक्टरों ने गांठ को दो हिस्सों में सावधानीपूर्वक निकालकर सर्जरी को सफल बनाया। इस प्रक्रिया में बेहोशी विभाग की टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. श्वेता और डॉ. मिल्टन ने ऑपरेशन के दौरान मरीज की स्थिति को स्थिर बनाए रखा।

फिलहाल मरीज स्त्री रोग वार्ड में भर्ती हैं और उनकी स्थिति में लगातार सुधार बताया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार रिकवरी संतोषजनक है और जल्द डिस्चार्ज की संभावना है। सिम्स प्रबंधन ने इसे टीमवर्क, विशेषज्ञता और समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप का उदाहरण बताया है। यह मामला इस बात की भी याद दिलाता है कि लंबे समय तक लगातार दर्द, असामान्य रक्तस्राव या पेट में असामान्य सूजन जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करना गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. मरीज दो वर्षों से लक्षण झेल रही थीं—क्या शुरुआती स्तर पर जांच और रेफरल सिस्टम में कहीं देरी हुई, जिससे मामला इतना गंभीर हुआ?
  2. जिले और आसपास के क्षेत्रों में महिलाओं के स्त्री रोग संबंधी स्क्रीनिंग और शुरुआती पहचान के लिए क्या कोई नियमित व्यवस्था मौजूद है?
  3. सिम्स में ऐसी हाई-रिस्क सर्जरियों की संख्या पिछले वर्षों में कितनी रही और क्या इसके लिए अलग रेफरल प्रोटोकॉल तैयार किया गया है?

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