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| राजगढ़ में बाल मजदूरी पर प्रशासन का शिकंजा: कलेक्टर की चेतावनी |
राजगढ़ - जिले में बाल श्रम की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने स्पष्ट कर दिया है कि बाल मजदूरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और बच्चों से काम कराने वाले प्रतिष्ठानों, दुकानों तथा संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 तथा संशोधित अधिनियम 2016 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। बैठक में बाल श्रम उन्मूलन, पुनर्वास, जनजागरूकता और कानून के पालन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में नियमित निरीक्षण अभियान चलाकर ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान की जाए जहां बच्चों से मजदूरी कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का कार्य कराना पूर्णतः प्रतिबंधित है, जबकि 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को खतरनाक उद्योगों और प्रक्रियाओं में नियोजित नहीं किया जा सकता।
बैठक में निर्माण कार्यों में लगे असंगठित श्रमिकों का संपूर्ण डेटा तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने पीआईयू, पीडब्ल्यूडी, आरईएस सहित सभी निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि उनके अधीन कार्यरत श्रमिकों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाए और जिन श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन नहीं हुआ है, उनका पंजीयन शीघ्र कराया जाए।
जनपद स्तर पर चलेगा जागरूकता अभियान
बाल श्रम की रोकथाम के लिए प्रशासन अब केवल कार्रवाई ही नहीं बल्कि जनजागरूकता पर भी जोर देगा। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अगले एक माह के भीतर सभी जनपदों में बैठकें आयोजित कर श्रम कानूनों और बच्चों के अधिकारों को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। वर्ष 2020 में श्रम कानूनों में हुए बदलावों की जानकारी भी श्रमिकों और आम नागरिकों तक पहुंचाई जाएगी।
स्कूल छोड़ चुके बच्चों को फिर शिक्षा से जोड़ने की तैयारी
बैठक में उन बच्चों की पहचान करने पर भी जोर दिया गया जो पढ़ाई छोड़ चुके हैं और किसी न किसी रूप में श्रम कार्यों में संलग्न हैं। प्रशासन ऐसे बच्चों को पुनः स्कूलों से जोड़ने और उनके पुनर्वास के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से विशेष अभियान चलाएगा।
1098 हेल्पलाइन शिकायतों की होगी निगरानी
कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल श्रम से जुड़ी शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाए। उन्होंने 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की नियमित समीक्षा करने तथा जिला टास्क फोर्स की सक्रियता बढ़ाने के निर्देश भी दिए। साथ ही बाल श्रम मामलों में अब तक हुई कार्रवाई, लगाए गए जुर्माने और पुनरावृत्ति की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने को कहा।
बैठक में अपर कलेक्टर प्रताप सिंह चौहान, डिप्टी कलेक्टर डॉ. ज्योति बगबैया, एसडीओपी राजगढ़, श्रम अधिकारी सौरभ कुमार गुप्ता तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
