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| शहडोल: “रात के अंधेरे में धरती का सौदा! शहडोल में खनिज माफियाओं पर चला शिकंजा |
शहडोल - जिले में अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 वाहनों और मशीनों को जब्त किया है। जिले के जैतपुर और बुढार क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर की गई इस कार्रवाई ने एक बार फिर जिले में सक्रिय खनिज माफियाओं के नेटवर्क की पोल खोल दी है। कार्रवाई के दौरान बिना रॉयल्टी गिट्टी परिवहन, निजी जमीन पर मिट्टी और मुरम का अवैध उत्खनन तथा खनिजों को अन्य स्थानों तक पहुंचाने का मामला सामने आया है। जिला खनिज अधिकारी राहुल शांडिल्य ने बताया कि जैतपुर क्षेत्र में गिट्टी का अवैध परिवहन करते हुए ट्रैक्टर क्रमांक MP18ZH0914 को पकड़ा गया। वाहन चालक शिवप्रसाद बैगा के पास गिट्टी परिवहन से संबंधित कोई वैध रॉयल्टी दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद वाहन को मौके पर ही जब्त कर थाना जैतपुर की अभिरक्षा में खड़ा कराया गया। मामले में अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया है।
वहीं बुढार तहसील के ग्राम जरवाही में जांच दल ने दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए मिट्टी और मुरम के अवैध खनन का खुलासा किया। खसरा नंबर 842 की भूमि पर एक जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर के जरिए मिट्टी का खनन कर उसे अन्यत्र पहुंचाया जा रहा था। मौके से जेसीबी क्रमांक MP34DA0514 और ट्रैक्टर क्रमांक MP65AA1494 को जब्त किया गया। इसी गांव के एक अन्य निजी क्षेत्र में JCB क्रमांक MP18DA0487 को मुरम का अवैध खनन करते हुए पकड़ा गया। जांच के दौरान संबंधित भूमि पर किसी प्रकार की वैध अनुमति या खनन स्वीकृति नहीं पाई गई। इसके बाद मशीनों और वाहनों को जब्त कर थाना बुढार में खड़ा कराया गया।
खनिज विभाग की टीम ने ग्राम पकरिया के पास भी कार्रवाई करते हुए एक डग्गी मिनी ट्रक को अवैध गिट्टी परिवहन करते हुए पकड़ा। वाहन चालक सोनू केवट से वाहन को जब्त कर पुलिस अभिरक्षा में सौंपा गया। विभाग ने सभी मामलों में अवैध खनन और परिवहन के प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लगातार हो रही कार्रवाइयों के बावजूद जिले में अवैध खनन का कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में देर रात तक मशीनों के संचालन और खनिज परिवहन की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे में यह कार्रवाई प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती और खनिज माफियाओं के खिलाफ चेतावनी मानी जा रही है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल
1. जिले में लगातार अवैध खनन और परिवहन पकड़े जा रहे हैं, तो क्या खनिज विभाग यह माने कि उसके स्थानीय निगरानी तंत्र और फील्ड अमले की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा नेटवर्क चल ही नहीं सकता?
2. जिन निजी जमीनों पर JCB से खुलेआम मिट्टी और मुरम का खनन हो रहा था, वहां क्या राजस्व, पंचायत और पुलिस विभाग को इसकी भनक नहीं थी, या फिर शिकायतों के बावजूद जानबूझकर कार्रवाई नहीं की गई?
3. अब तक जिले में अवैध खनन के कितने मामलों में सिर्फ वाहन जब्ती से आगे बढ़कर खनिज माफियाओं की संपत्ति कुर्की, लाइसेंस निरस्तीकरण या गैंग बनाकर कार्रवाई की गई है, या कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित है?
