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| सिंगरौली; देवसर तहसील में कलेक्टर का औचक निरीक्षण: लंबित फाइलों पर सख्ती Aajtak24 News |
सिंगरौली - जिले के देवसर तहसील कार्यालय में आज कलेक्टर गौरव बैनल ने औचक निरीक्षण कर राजस्व व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लंबित मामलों की स्थिति, कोर्ट संचालन और फील्ड स्तर पर कार्यप्रणाली का विस्तार से जायजा लिया। कलेक्टर ने विशेष रूप से बेदखली, सीमांकन और बंटवारा जैसे महत्वपूर्ण राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का समय-सीमा में अनिवार्य रूप से निराकरण किया जाए। उन्होंने तहसीलदार को निर्देशित किया कि संबंधित हल्का पटवारियों से निर्धारित समय के भीतर प्रतिवेदन प्राप्त किए जाएं और किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जो पटवारी समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इससे राजस्व कार्यों में जवाबदेही और अनुशासन स्थापित किया जा सके। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने राजस्व न्यायालय (कोर्ट) संचालन की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने पाया कि लंबित प्रकरणों की संख्या अधिक है, जिस पर उन्होंने कोर्ट संचालन के दिवसों में वृद्धि करने के निर्देश दिए ताकि मामलों का तेजी से निपटारा हो सके।
कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया कि राजस्व मामलों में देरी सीधे तौर पर आम जनता को प्रभावित करती है, इसलिए पूरी प्रणाली को अधिक सक्रिय, समयबद्ध और परिणाममुखी बनाया जाए। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार ऋषि नारायण सिंह उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- देवसर तहसील में लंबित राजस्व प्रकरणों की संख्या लगातार क्यों बढ़ रही है, क्या यह स्टाफ की कमी या निगरानी व्यवस्था की विफलता है?
- पटवारियों पर कार्रवाई की बात तो की गई, लेकिन क्या राजस्व प्रणाली में देरी के लिए ऊपर के स्तर पर भी जवाबदेही तय होगी?
- कोर्ट दिवस बढ़ाने से क्या वास्तविक समाधान होगा, या फिर यह केवल लंबित मामलों को अस्थायी रूप से निपटाने का तरीका है?
