शाजापुर; पानी, हैंडपंप और अधूरे कामों पर कलेक्टर सख्त… धीमी प्रगति पर इंजीनियरों को नोटिस के निर्देश Aajtak24 News

शाजापुर; पानी, हैंडपंप और अधूरे कामों पर कलेक्टर सख्त… धीमी प्रगति पर इंजीनियरों को नोटिस के निर्देश Aajtak24 News

शाजापुर - जिले में जल संरक्षण और ग्रामीण विकास योजनाओं की धीमी प्रगति को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन और पंचायत विभाग से जुड़े कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन द्वारा तय लक्ष्यों के अनुसार सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने जल संरक्षण कार्यों में लापरवाही पर नाराजगी जाहिर करते हुए नदी-नालों, कुओं, बावड़ियों और पानी की टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही तालाब निर्माण और पौधारोपण कार्यों को भी तेजी से पूरा करने पर जोर दिया।

कलेक्टर ऋजु बाफना ने जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूलों की पानी की टंकियों की नियमित साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए जनपद पंचायतों के सीईओ और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग लगातार निगरानी रखें। बैठक में बंद पड़े हैंडपंपों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। कलेक्टर ने पीएचई विभाग को निर्देश दिए कि सभी खराब हैंडपंप एक सप्ताह के भीतर चालू कराए जाएं और चालू हैंडपंपों की सूची तैयार कर उनकी जमीनी जांच भी कराई जाए। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत प्रगतिरत योजनाओं को अगस्त तक पूरा कर हस्तांतरित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा और आंगनवाड़ी भवनों के अपूर्ण कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने पर भी जोर दिया। बड़ी ग्राम पंचायतों में जलकर और स्वच्छता कर की वसूली सुनिश्चित करने तथा कचरा वाहनों के संचालन की वास्तविक स्थिति की जांच करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक के दौरान अमृत सरोवर, फॉर्म पॉन्ड और अन्य जल संरक्षण कार्यों की धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ को निर्देश दिए कि कम प्रगति और श्रम नियोजन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित सहायक यंत्री और उपयंत्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएं।

इसके अलावा गौशालाओं में बिजली और पानी की व्यवस्था, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और पंचायत भवनों से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर कार्यों की जमीनी स्थिति जांचने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अनुपमा चौहान, पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री के.एस. डामोर, आरईएस विभाग के अधिकारी, जनपद पंचायतों के सीईओ, सहायक यंत्री और उपयंत्री उपस्थित रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. हर साल जल संरक्षण और पेयजल सुधार के दावे किए जाते हैं, फिर भी गर्मियों में गांवों में पानी संकट और बंद हैंडपंपों की समस्या लगातार क्यों बनी रहती है?
  2. अमृत सरोवर, फॉर्म पॉन्ड और मनरेगा कार्यों में धीमी प्रगति पर नोटिस की बात हुई है, लेकिन क्या पहले भी ऐसे मामलों में वास्तविक कार्रवाई हुई या केवल कागजी चेतावनी तक मामला सीमित रहा?
  3. जलकर और स्वच्छता कर वसूली की बात की जा रही है, लेकिन क्या ग्राम पंचायतों में इन पैसों के उपयोग और पारदर्शिता की कोई सार्वजनिक निगरानी व्यवस्था भी होगी?

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