रायगढ़ के महलोई में ‘पुलिस ऑन ग्राउंड’—जनचौपाल में कानून, साइबर फ्रॉड और नशे पर खुली चेतावनी Aajtak24 News

रायगढ़ के महलोई में ‘पुलिस ऑन ग्राउंड’—जनचौपाल में कानून, साइबर फ्रॉड और नशे पर खुली चेतावनी Aajtak24 News

रायगढ़ - छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों में जनसुरक्षा और अपराध रोकथाम को मजबूत करने के लिए जनचौपाल अभियान चलाया। इसी कड़ी में थाना तमनार क्षेत्र के ग्राम महलोई में बड़ी जनचौपाल आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव आहेर ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उन्हें अपराध, साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और नशे के खिलाफ जागरूक किया।

जनचौपाल में महिलाओं और नाबालिगों से जुड़े अपराधों जैसे छेड़छाड़, अपहरण, घरेलू हिंसा और पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में कानून अब और अधिक सख्त है और त्वरित कार्रवाई की जाती है। इसके साथ ही “हेलो सिस्टर” हेल्पलाइन 9429270533, डायल 112 और पुलिस कंट्रोल रूम नंबर की जानकारी ग्रामीणों के साथ साझा की गई ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।

साइबर अपराधों पर चेतावनी देते हुए पुलिस ने बताया कि अज्ञात लिंक, फर्जी ऑफर और ओटीपी मांगने वाले कॉल्स से सावधान रहना जरूरी है। किसी भी तरह की बैंकिंग जानकारी साझा करना गंभीर धोखाधड़ी का कारण बन सकता है। सड़क सुरक्षा को लेकर भी पुलिस ने सख्त संदेश दिया। बिना हेलमेट वाहन चलाना, तेज रफ्तार और शराब पीकर ड्राइविंग को जानलेवा बताते हुए लोगों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की गई।

नशे के खिलाफ चल रहे अभियान में भी ग्रामीणों से सहयोग की अपील की गई और युवाओं को नशे से दूर रखने की जिम्मेदारी समाज की बताई गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसे जनचौपालों का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि पुलिस और जनता के बीच भरोसा मजबूत करना भी है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल

  1. लगातार जनचौपाल और जागरूकता अभियानों के बावजूद साइबर ठगी और नशे के मामले क्यों बढ़ रहे हैं—क्या यह संकेत है कि जागरूकता का असर जमीनी स्तर पर कमजोर पड़ रहा है?
  2. महिला सुरक्षा हेल्पलाइन और डायल 112 जैसी व्यवस्थाएं मौजूद होने के बाद भी क्या ग्रामीण क्षेत्रों में रिस्पॉन्स टाइम और वास्तविक सहायता पहुंच पर्याप्त है?
  3. क्या पुलिस का फोकस केवल जागरूकता पर ज्यादा है, जबकि नशा और साइबर अपराध के नेटवर्क को तोड़ने के लिए ठोस इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई उतनी तेज नहीं है?


Post a Comment

Previous Post Next Post