| मुंगेली पुलिस का ‘ऑपरेशन ट्रैक एंड ट्रायल’—पुणे तक पीछा कर नाबालिग को छुड़ाया Aajtak24 News |
मुंगेली - जिले में नाबालिग बालिका के अपहरण और दैहिक शोषण के गंभीर मामले में पुलिस ने तेज और समन्वित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है तथा पीड़िता को महाराष्ट्र के पुणे से सकुशल बरामद किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा के मार्गदर्शन में थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए लगातार खोजबीन और तकनीकी इनपुट के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई।
मामला तब सामने आया जब प्रार्थिया ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी नाबालिग पुत्री को 1 मार्च 2026 को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर भगा ले जाया गया है। इस पर थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 74/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम को सूचना मिली कि आरोपी महाराष्ट्र के पुणे क्षेत्र में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम को वहां भेजा गया और 30 अप्रैल 2026 को आरोपी दुजे राम ध्रुव को ट्रेस कर पीड़िता को उसके कब्जे से सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाकर शारीरिक शोषण किया और उसे लंबे समय तक अपने साथ रखा। इसके बाद आरोपी के खिलाफ बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं।
03 मई 2026 को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि महिला और बच्चों से जुड़े मामलों में ऐसी कार्रवाइयों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और फरार या गुमशुदा मामलों में भी लगातार सख्ती से तलाश अभियान चलाया जा रहा है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल
- जब आरोपी पीड़िता को लेकर दूसरे राज्य (महाराष्ट्र) तक पहुंच गया था, तो क्या यह मान लिया जाए कि शुरुआती स्तर पर निगरानी और रोकथाम तंत्र पूरी तरह प्रभावी नहीं था?
- क्या ऐसे मामलों में अपहरण के तुरंत बाद अंतर-जिला और अंतर-राज्य स्तर पर ट्रैकिंग सिस्टम सक्रिय हो जाता है, या फिर कार्रवाई केवल सूचना मिलने के बाद ही शुरू होती है?
- नाबालिगों के लापता मामलों में पुलिस के पास कितनी तेजी से रेस्पॉन्स देने की स्पष्ट समय-सीमा (SOP) है, और इस केस में उस मानक का कितना पालन हुआ?