| “दुर्ग में ‘नो पार्किंग पर जीरो टॉलरेंस’—67 वाहन जब्त, 4 बुलेट की तेज आवाज भी पड़ी भारी Aajtak24 News |
दुर्ग - छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में यातायात पुलिस ने शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए सख्त अभियान चलाते हुए नो पार्किंग में खड़े वाहनों और नियम उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई की है। यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान में कुल 67 वाहनों पर वैधानिक कार्रवाई की गई। इन वाहनों को नो पार्किंग क्षेत्र में खड़ा पाया गया था, जिससे मुख्य बाजार क्षेत्रों में यातायात बाधित हो रहा था।
इसके साथ ही संशोधित साइलेंसर लगे 4 बुलेट मोटरसाइकिलों पर भी मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि तेज आवाज वाले और संशोधित साइलेंसर वाले वाहनों से ध्वनि प्रदूषण और आमजन को असुविधा होती है, इसलिए ऐसे वाहनों पर सख्ती जारी रहेगी। अभियान के दौरान यातायात पुलिस ने आकाशगंगा मार्केट, दक्षिण गंगोत्री, सुपेला मार्केट और पावर हाउस मार्केट जैसे व्यस्त इलाकों में विशेष निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाने के निर्देश मौके पर ही दिए गए।
पुलिस ने दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने सामान और बोर्ड सड़क पर न रखें तथा यातायात बाधित न करें। वहीं वाहन चालकों को अपने दोपहिया वाहन निर्धारित सफेद पट्टी के भीतर ही पार्क करने की समझाइश दी गई। अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिया कि बाजार क्षेत्रों में निगरानी के लिए स्वयं दुकानदार गार्ड तैनात करें ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाएगी।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल
- 67 वाहनों पर कार्रवाई के बावजूद क्या यह संकेत है कि शहर में पार्किंग व्यवस्था और ट्रैफिक प्लानिंग अब भी पर्याप्त नहीं है, जिससे बार-बार नो पार्किंग की स्थिति बन रही है?
- क्या केवल चालानी कार्रवाई से समस्या हल होगी, या बाजार क्षेत्रों में स्थायी मल्टी-लेवल पार्किंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान लागू करने की भी कोई ठोस योजना है?
- संशोधित साइलेंसर और अतिक्रमण की समस्या लगातार सामने आने के बावजूद क्या यह माना जाए कि निगरानी तंत्र पहले से ही नियमित रूप से प्रभावी नहीं रह पा रहा था?