![]() |
| टीकमगढ़; जेल की दीवारों के भीतर इंसानियत की दस्तक… दिव्यांग कैदियों को मिला सहारा Aajtak24 News |
टीकमगढ़ - जिला जेल में मंगलवार को एक संवेदनशील और मानवीय पहल के तहत दिव्यांग कैदियों के पुनर्वास एवं सुविधा के लिए सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। यह कार्यक्रम आयुक्त निशक्तजन के निर्देशानुसार सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित जिला पुनर्वास केंद्र ‘उड़ान’ के माध्यम से आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान जेल में बंद दिव्यांग कैदियों को उनकी जरूरत के अनुसार उपकरण प्रदान किए गए। एक महिला कैदी, जो दोनों पैरों से दिव्यांग है, को व्हीलचेयर दी गई। वहीं लकवाग्रस्त एक पुरुष कैदी को व्हीलचेयर के साथ वॉकिंग स्टिक भी प्रदान की गई।
इसके अलावा दो अन्य कैदियों को श्रवण यंत्र (कान की मशीन) उपलब्ध कराई गई, जिससे उनकी दैनिक संवाद क्षमता और जीवन की सामान्य गतिविधियों में सुधार हो सके। अधिकारियों ने बताया कि जेल में बंद दिव्यांग कैदियों के लिए इस प्रकार की सुविधा न केवल उनके जीवन को आसान बनाती है, बल्कि उनके मानसिक और सामाजिक पुनर्वास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
जेल प्रशासन और सामाजिक न्याय विभाग का मानना है कि यह पहल संवेदनशील प्रशासन की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, जो यह संदेश देता है कि कैदी होने के बावजूद मानव गरिमा और बुनियादी जरूरतों की उपेक्षा नहीं की जा सकती। इस अवसर पर जेल अधीक्षक श्री यजुवेंद्र वाघमारे, उपसंचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग श्री सौरभ तिवारी, उपजेल अधीक्षक तथा डीडीआरसी के तकनीकी स्टाफ मौजूद रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या जेलों में दिव्यांग कैदियों के लिए यह सुविधाएं पहले से अनिवार्य रूप से उपलब्ध थीं, या यह केवल विशेष पहल के तहत किया गया अस्थायी प्रयास है?
- दिव्यांग कैदियों के पुनर्वास के लिए जेल प्रशासन के पास कोई स्थायी नीति और बजट व्यवस्था है या यह केवल दान और विशेष कार्यक्रमों पर निर्भर है?
- क्या अन्य जिलों की जेलों में भी ऐसी ही सुविधाएं उपलब्ध हैं, या टीकमगढ़ का यह मॉडल अपवाद है?
