| बीजापुर; जिला अस्पताल से ढाबों तक चला ‘खाद्य सुरक्षा चाबुक’… बीजापुर में एक्सपायर्ड सामान नष्ट Aajtak24 News |
बीजापुर - जिले में “सही दवा शुद्ध आहार – यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम के तहत चलाया जा रहा खाद्य सुरक्षा अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत जिला अस्पताल से लेकर बाजारों तक सघन निरीक्षण किया गया।
जिला अस्पताल और ढाबों में निरीक्षण
अभियान के आठवें दिन जिला अस्पताल बीजापुर में संचालित केंटीन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खाद्य सामग्री और व्यवस्था को सामान्य रूप से संतोषजनक पाया गया, लेकिन कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और पानी की जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होने पर अधिकारियों ने तत्काल इन्हें प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके बाद मां दंतेश्वरी ढाबा का निरीक्षण किया गया, जहां डाइनिंग हॉल की सफाई पर्याप्त नहीं पाई गई। यहां भी कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और पानी की गुणवत्ता रिपोर्ट अनुपस्थित मिलने पर संचालक को कड़ी चेतावनी दी गई।
किराना दुकानों में बड़ी अनियमितताएं
अभियान के नौवें दिन नैमेड़ क्षेत्र और बस स्टैंड के आसपास स्थित दुकानों की जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान—
- बजरंग किराना स्टोर्स में एक बोरी एक्सपायर्ड दलिया
- युवराज किराना स्टोर्स में बालूशाही, लड्डू, सोनपापड़ी, बिस्कुट सहित कई एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री
बरामद की गई।
मौके पर ही नष्ट किया गया सामान
अधिकारियों ने सभी एक्सपायर्ड खाद्य सामग्रियों को मौके पर ही नष्ट कराया और दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी एक्सपायर्ड या असुरक्षित खाद्य सामग्री का विक्रय न किया जाए।
प्रशासन का उद्देश्य
अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। साथ ही व्यापारियों और आम जनता को स्वच्छता, पौष्टिक आहार और सुरक्षित दवाओं के उपयोग के प्रति जागरूक करना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- लगातार निरीक्षण के बावजूद एक्सपायर्ड सामग्री दुकानों तक कैसे पहुंच रही है—क्या सप्लाई चेन की निगरानी में गंभीर खामी है?
- कई प्रतिष्ठानों में मेडिकल फिटनेस और पानी की जांच रिपोर्ट अनुपस्थित मिली, क्या इनके लिए कोई सख्त लाइसेंसिंग और नियमित ऑडिट सिस्टम लागू है?
- क्या केवल नष्ट करने और चेतावनी देने से काम चलेगा, या बार-बार नियम तोड़ने वालों पर लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कड़ी कार्रवाई भी होगी?