छिंदवाड़ा; ढाबों से गुमठियों तक चला आबकारी का डंडा! रात में शराबियों पर ऐसी कार्रवाई कि मच गई भगदड़ Aajtak24 News

छिंदवाड़ा; ढाबों से गुमठियों तक चला आबकारी का डंडा! रात में शराबियों पर ऐसी कार्रवाई कि मच गई भगदड़ Aajtak24 News

छिंदवाड़ा - शहर में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद आबकारी विभाग ने गुरुवार देर रात सघन अभियान चलाकर शराबियों और अवैध रूप से मद्यपान कराने वालों पर कार्रवाई की। शहर के कई संवेदनशील इलाकों में हुई इस कार्रवाई के दौरान खुले में शराब पी रहे लोगों को खदेड़ा गया, जबकि गुमठियों और ढाबों में शराब परोसने वालों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए। कलेक्टर हरेंद्र नारायन के निर्देशन और सहायक आबकारी आयुक्त बी.आर. वैद्य के मार्गदर्शन में आबकारी अमले ने चंदनगांव, इमलीखेड़ा, सब्जी मंडी और गुरैया क्षेत्र में दबिश दी। टीम ने इन इलाकों में खुलेआम मदिरापान कर रहे लोगों को हटाया और क्षेत्र में देर रात तक गश्त की।

कार्रवाई के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ गुमठियों और दुकानों के आसपास लोगों को बैठाकर शराब पिलाई जा रही थी। इस पर आबकारी विभाग ने मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 36 के तहत चार प्रकरण दर्ज किए। विभाग ने रिंग रोड स्थित भैरव ढाबा और उड़ता पंजाब ढाबा पर भी कार्रवाई करते हुए नियम उल्लंघन के मामले बनाए। आबकारी विभाग का कहना है कि शहर में सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी और अवैध मद्यपान की शिकायतें लगातार मिल रही थीं, जिसके बाद यह अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में कई इलाकों में लंबे समय से खुलेआम शराबखोरी होती रही है, लेकिन कार्रवाई अक्सर शिकायतों के बाद ही दिखाई देती है। ऐसे में अब लोगों की नजर इस बात पर है कि यह अभियान नियमित रहेगा या केवल औपचारिक कार्रवाई बनकर रह जाएगा।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल

  1. शहर में खुलेआम शराबखोरी और ढाबों पर अवैध मद्यपान की शिकायतें लंबे समय से आ रही थीं, तो आबकारी विभाग अब तक कार्रवाई करने में देरी क्यों करता रहा?
  2. क्या विभाग यह बताएगा कि जिन क्षेत्रों में कार्रवाई हुई, वहां पहले भी कितनी बार निरीक्षण किया गया और तब नियम उल्लंघन क्यों नहीं मिला?
  3. सिर्फ शराबियों को भगाने और छोटे प्रकरण दर्ज करने से क्या समस्या खत्म होगी, या विभाग अवैध शराबखोरी को संरक्षण देने वाले बड़े नेटवर्क पर भी कार्रवाई करेगा?

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