धार; तौल कांटे से लेकर पानी के नल तक… धार में अपर मुख्य सचिव ने परखी ज़मीनी हकीकत Aajtak24 News

धार; तौल कांटे से लेकर पानी के नल तक… धार में अपर मुख्य सचिव ने परखी ज़मीनी हकीकत Aajtak24 News

धार - जिले के दौरे पर पहुंचे अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने गुरुवार को बक्साना और लेबड़ उपार्जन केंद्रों के साथ-साथ सेजवाया और लेबड़ क्षेत्र में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित पेयजल योजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों और ग्रामीणों से सीधे चर्चा कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत जिले में संचालित 73 उपार्जन केंद्रों पर गेहूं खरीदी जारी है। निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे लगातार चालू हालत में रहें, ताकि किसानों को लंबे इंतजार का सामना न करना पड़े। उन्होंने एफएक्यू मापदंडों के अनुरूप खरीदी सुनिश्चित करने, पर्याप्त बारदाना और तिरपाल उपलब्ध रखने तथा खरीदे गए अनाज का तत्काल परिवहन कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने यह भी कहा कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए छायादार बैठने की व्यवस्था और ठंडे पेयजल की उपलब्धता प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए। हर सीजन में किसानों को तौल, भुगतान और परिवहन संबंधी परेशानियों की शिकायतें मिलती रही हैं, ऐसे में निरीक्षण के दौरान इन व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस रखा गया।

दौरे के दौरान अपर मुख्य सचिव ने जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल योजनाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीण हितग्राहियों से बातचीत कर जलापूर्ति की स्थिति जानी और लोगों को समय पर जलकर जमा करने के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पेयजल योजनाओं का संचालन सुचारू रहे और ग्रामीणों को नियमित रूप से शुद्ध पानी उपलब्ध हो।

हालांकि प्रशासनिक स्तर पर निरीक्षण और समीक्षा बैठकों का सिलसिला लगातार जारी है, लेकिन कई ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन की अधूरी पाइपलाइन, अनियमित जलापूर्ति और खराब रखरखाव की शिकायतें अब भी सामने आती रहती हैं। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निरीक्षण के बाद जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं में कितना सुधार होता है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जब हर साल उपार्जन केंद्रों पर तौल और परिवहन संबंधी शिकायतें आती हैं, तो अब तक जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों पर कितनी कार्रवाई हुई है?
  2. जल जीवन मिशन के तहत जिन गांवों में पाइपलाइन पहुंच गई है, वहां वास्तव में कितने घरों में नियमित और सुरक्षित पेयजल सप्लाई हो रही है?
  3. ग्रामीणों से समय पर जलकर जमा करने की अपील की जा रही है, लेकिन क्या प्रशासन यह गारंटी देगा कि बदले में 24x7 या तय समय पर गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति भी मिलेगी?

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