| बीजापुर; दुकानों से लेकर ढाबों तक ‘क्लीन-अप अलर्ट’: बीजापुर में प्रशासन का सख्त संदेश Aajtak24 News |
बीजापुर - बीजापुर में व्यापारिक गतिविधियों को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) जागेश्वर कौशल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें व्यापारियों, दुकानदारों और होटल-खानपान व्यवसाय से जुड़े लोगों की समस्याओं और जिम्मेदारियों पर खुलकर चर्चा हुई। बैठक में साफ संकेत दिया गया कि अब व्यापार केवल मुनाफे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। दुकानों के रखरखाव, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, एक्सपायरी सामान की पहचान और उसके सही निस्तारण को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।
इसके साथ ही पॉलिथीन के उपयोग और स्वच्छता नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने चेताया कि नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने और एक्सपायरी उत्पादों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए। बैठक में नगर पालिका, खाद्य एवं सुरक्षा विभाग, श्रम विभाग और यातायात विभाग के अधिकारियों ने भी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों और अपेक्षाओं को साझा किया। बीएमओ डॉ. विकास गवेल, नगर पालिका सीएमओ बंशीलाल नुरुटी, फूड सेफ्टी अधिकारी डीके देवांगन सहित अन्य अधिकारियों की उपस्थिति ने बैठक को और महत्वपूर्ण बना दिया।
प्रशासन ने व्यापारियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि सभी नियमों का पालन करेंगे, तो शहर में एक स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित व्यापारिक माहौल बनाया जा सकता है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल
- क्या प्रशासन के पास ऐसा कोई ठोस तंत्र है जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि बैठक में दिए गए निर्देशों का जमीनी स्तर पर पालन हो रहा है?
- बार-बार चेतावनी के बावजूद अगर व्यापारी नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो क्या उनके लाइसेंस निलंबन या रद्द करने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी?
- स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ व्यापारियों पर ही क्यों डाली जा रही है—क्या प्रशासनिक निगरानी और संसाधनों की कमी भी इसके लिए जिम्मेदार नहीं है?