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| खरगोन; बस स्टैंड के होटल-ढाबों पर खाद्य विभाग का शिकंजा… थाली में परोसे जा रहे खाने की खुली जांच Aajtak24 News |
खरगोन - खरगोन में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ाते हुए बस स्टैंड क्षेत्र में छापामार कार्रवाई की। कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने विभिन्न होटल, भोजनालय और खाद्य प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भेजे।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान बस स्टैंड क्षेत्र के कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई। खाद्य सुरक्षा टीम ने नटराज टी कार्नर और ओम शिवाय होटल से सोयाबीन तेल के नमूने लिए। वहीं ओम शिवाय भोजनालय और मानसी रेस्टॉरेंट से वनस्पति के नमूने लिए गए।
इसके अलावा मानसी रेस्टॉरेंट से पेड़ा, गुप्ता कचोरी होटल और शिव संगम होटल से सोयाबीन तेल तथा नटराज कैफे हाउस से मिल्क केक का नमूना जांच के लिए लिया गया। प्रशासन के अनुसार सभी नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और नियम 2011 के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एच.एल. अवास्या और खाद्य सुरक्षा अधिकारी आर.आर. सोंलकी मौजूद रहे। हालांकि शहर में समय-समय पर खाद्य नमूने लिए जाते हैं, लेकिन आम लोगों के बीच यह सवाल लगातार बना रहता है कि क्या जांच रिपोर्ट और कार्रवाई की स्थिति भी सार्वजनिक की जाती है या नहीं। कई बार नमूने लेने की कार्रवाई तो दिखती है, लेकिन अंतिम कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आ पाती।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- खाद्य पदार्थों के नमूने लेने के बाद कितने मामलों में वास्तव में कार्रवाई होती है और कितनी रिपोर्ट जनता के सामने सार्वजनिक की जाती हैं?
- क्या प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि जांच रिपोर्ट आने तक संदिग्ध खाद्य सामग्री की बिक्री रोकी जाए, या कारोबार पहले की तरह चलता रहेगा?
- बस स्टैंड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में लंबे समय से खाद्य सामग्री बिक रही थी, तो नियमित निरीक्षण के बावजूद संभावित मिलावट पहले क्यों नहीं पकड़ी गई?
