| कटनी; मोबाईल हैक कर खाते से लाखों उड़ाने वाला 'उत्तराखंडी' ठग गिरफ्तार, कटनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई Aajtak24 News |
कटनी - डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर अपराधी आम जनता की मेहनत की कमाई पर गिद्ध दृष्टि जमाए बैठे हैं। ताजा मामला मध्य प्रदेश के कटनी जिले से सामने आया है, जहां एक युवक के मोबाइल को हैक कर उसके बैंक खाते से करीब 3 लाख रुपये पार कर दिए गए। हालांकि, कटनी पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए सात समंदर पार नहीं तो कम से कम सात राज्यों की सीमाओं को लांघते हुए उत्तराखंड से मुख्य आरोपी को दबोचने में सफलता हासिल की है।
क्या था पूरा मामला?
मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित आशीष गौतम (37 वर्ष), निवासी मोतीबाग, कोतवाली कटनी ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष गुहार लगाई। आशीष ने बताया कि उसका बैंक खाता पंजाब नेशनल बैंक की शहडोल शाखा में है, जो उसके मोबाइल नंबर और फोन-पे (PhonePe) से लिंक है। आशीष ने अपनी बहन की शादी के लिए पाई-पाई जोड़कर 2,96,000 रुपये जमा किए थे। शातिर साइबर ठगों ने आशीष का मोबाइल फोन हैक कर लिया और उसकी जानकारी के बिना अलग-अलग तारीखों और समय पर खाते से पूरी रकम साफ कर दी। जब पीड़ित को पता चला कि उसके खाते में मात्र कुछ रुपये बचे हैं, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
पुलिस की जांच और तकनीकी साक्ष्य
घटना की गंभीरता को देखते हुए कटनी पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा ने तत्काल कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राखी पाण्डेय को टीम गठित करने के निर्देश दिए। पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर सेल कटनी की मदद से जब बैंक ट्रांजेक्शन की कुंडली खंगाली गई, तो पता चला कि पैसे किसी एक खाते में नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में संचालित विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए थे। तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम, जिसका नेतृत्व खिरहनी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक किशोर कुमार द्विवेदी कर रहे थे, को दिल्ली और उत्तराखंड के लिए रवाना किया गया।
उत्तराखंड के 'कौशलपुर' से पकड़ा गया आरोपी
पुलिस टीम ने उत्तराखंड के जिला उधमसिंह नगर के गदरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुशालपुर में दबिश दी। वहां से संदेही गुरमीत सिंह (32 वर्ष), पिता दर्शन सिंह को हिरासत में लिया गया। शुरुआती पूछताछ में गुरमीत ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी सबूत उसके सामने रखे, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी गुरमीत सिंह ने स्वीकार किया कि उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर आशीष गौतम का मोबाइल हैक किया था और धोखाधड़ी कर पौने तीन लाख से ज्यादा की राशि ऑनलाइन ट्रांसफर की थी। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर कटनी लाया और माननीय न्यायालय में पेश किया।
गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
कोतवाली पुलिस के अनुसार, इस ठगी के पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा है। गुरमीत सिंह इस कड़ी का एक हिस्सा है। पुलिस अब उन अन्य साथियों की तलाश में जुटी है जो मोबाइल हैकिंग और डेटा चोरी के विशेषज्ञ हैं। पुलिस को उम्मीद है कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी से साइबर ठगी के कई और बड़े मामलों का खुलासा हो सकता है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफल बनाने में पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती नेहा पच्चीसिया के मार्गदर्शन में टीम ने उत्कृष्ट कार्य किया। टीम में मुख्य रूप से:
निरीक्षक राखी पाण्डेय (थाना प्रभारी, कोतवाली)
उनि. किशोर कुमार द्विवेदी (चौकी प्रभारी, खिरहनी)
उनि. नवीन नामदेव (थाना माधवनगर)
आरक्षक: उमाकांत तिवारी, लोकेन्द्र सिंह।
साइबर सेल टीम: आरक्षक सतेन्द्र सिंह, चंदन प्रजापति और अमित श्रीपाल।
सावधान रहें, सुरक्षित रहें
पुलिस ने इस घटना के बाद आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने मोबाइल फोन पर आने वाले किसी भी संदिग्ध लिंक को क्लिक न करें और न ही किसी को अपना ओटीपी (OTP) बताएं। मोबाइल हैकिंग के जरिए ठग आपके फोन का पूरा कंट्रोल ले सकते हैं, इसलिए समय-समय पर अपने बैंकिंग पासवर्ड बदलते रहें।