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| संभागायुक्त ने उपार्जन केंद्रों पर परखी व्यवस्थाएं; किसानों की सुविधा और फसल सुरक्षा के लिए दिए सख्त निर्देश Aajtak24 News |
जबलपुर - जबलपुर संभागायुक्त श्री धनंजय सिंह भदौरिया ने गुरुवार को शहपुरा तहसील के मजीठा और खिरका खेड़ा स्थित गेहूं उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उपार्जन की पूरी प्रक्रिया का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को केंद्र पर किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण के समय कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।
चेकलिस्ट के आधार पर हुआ बारीक निरीक्षण
संभागायुक्त ने शासन द्वारा निर्धारित चेकलिस्ट के अनुसार एक-एक बिंदु पर जानकारी ली। उन्होंने खरीदी केंद्र पर भंडारण की क्षमता और वर्तमान व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि उपार्जन कार्य पूरी तरह शासन की नीति के अनुरूप होना चाहिए। केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, शीतल पेयजल, छन्ना और फायर सेफ्टी जैसे आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
बारिश से बचाव और पारदर्शी खरीदी पर जोर
आगामी मौसम को देखते हुए संभागायुक्त ने निर्देशित किया कि आकस्मिक वर्षा की स्थिति में उपार्जित गेहूं को भीगने से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि खरीदी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और स्लॉट बुकिंग के आधार पर ही तौल सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े।
संभाग स्तर पर नोडल अधिकारियों की तैनाती
उपार्जन कार्य की सुचारू मॉनिटरिंग के लिए संभाग के सभी जिलों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इसके तहत:
जबलपुर: संयुक्त कलेक्टर श्री ऋषभ जैन।
नरसिंहपुर: अपर कलेक्टर श्री गजेंद्र नागेश।
छिंदवाड़ा: अपर कलेक्टर श्री धीरेंद्र सिंह।
मंडला: सीईओ जिला पंचायत श्री शाश्वत सिंह मीणा।
कटनी: सीईओ जिला पंचायत श्रीमती हरसिमरनप्रीत कौर। इसके साथ ही संभाग के सभी जिलों के जिला आपूर्ति अधिकारियों को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।
संभागायुक्त ने सभी नोडल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के केंद्रों का निरंतर भ्रमण करने और शासन की मंशा के अनुरूप किसानों के हित में कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
