| सारंगढ़: कागजों पर खनन और करोड़ों की रॉयल्टी का खेल, 'मां नाथलदाई क्रशर' की मनमानी का बड़ा खुलासा Aajtak24 News |
सारंगढ़ - जिले में गौण खनिज के अवैध कारोबार का एक और बड़ा मामला सामने आया है। मां नाथलदाई क्रशर उद्योग संचालक पर आरोप है कि खनिज विभाग से स्वीकृत चिन्हांकित लीज स्थान पर आज तक खनन नहीं हुआ, लेकिन कागजों में करोड़ों रुपये की रॉयल्टी पर्ची जारी हो चुकी है। छत्तीसगढ़ सरकार लगातार अवैध खनन करने वाले खनिज माफिया पर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है लेकिन यहां तो गंगा उल्टी बहते दिखाई दे रहा। केवल और केवल खानापूर्ति का खेल खेला जा रहा। और खनन माफिया बिना कोई डरे खुले आम अपना काला बाजार चला रहे हैं।
खनिज विभाग के रिकॉर्ड में जिस खसरा नंबर पर मां नाथल दाई क्रशर को लाइमस्टोन/पत्थर खनन की लीज दी गई है, वहां मौका-मुआयना करने पर देखा गया कि खनन का कोई निशान नहीं मिला। जमीन जस की तस पढ़ी है और अपने क्रेशर के लिए खनिज माफियाओ से गुड़ेली टिमरलगा से अवैध पत्थर खरीद कर अपने लीज के नाम से खनिज विभाग से दबा के रॉयल्टी पर्ची ले रहा हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के तहत लीज क्षेत्र से बाहर खनन करना और बिना कोई खनन के रॉयल्टी पर्ची जारी करना दोनों ही दंडनीय अपराध हैं। इसमें लीज निरस्त करने के साथ-साथ जुर्माना और दंडात्मक कार्यवाही का प्रावधान है।
अगर भौतिक सत्यापन में आरोप सही पाए गए तो लीज निरस्त करने, जारी रॉयल्टी की वसूली और आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई बनती है। वही बताया जा रहा है मां नाथल दाई क्रशर उद्योग के संचालक बड़े पहुंचे हुए व्यक्ति हैं जिन्होंने आज तक अपने वैध लीज के जगह से चूना पत्थर खनन किया ही नहीं और लाखों करोड़ों के रॉयल्टी पर्ची जारी करवा लिए जिससे संचालक के पावर पता चलता है अब देखने वाली बात होगी कि खनिज विभाग कार्रवाई करता है या फिर मामला फाइलों में दब जाता है।