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| सागर; बारिश का अलर्ट या लापरवाही की परीक्षा? उपार्जन केंद्रों पर कलेक्टर का सख्त पहरा Aajtak24 News |
सागर - जिले में उपार्जन व्यवस्था को सुचारू और सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर अधिकारियों ने जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान शाहगढ़ क्षेत्र के दलपतपुर समिति केंद्र पर किसानों के लिए छाया और पेयजल की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई, जिससे किसानों को राहत मिली। हालांकि चना और मसूर उपार्जन केंद्र पर बारदाने की कमी सामने आई, जिस पर अधिकारियों को तुरंत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसी क्रम में नहरमऊ गोदाम अंतर्गत नहरमऊ समिति में जय माता दी स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित गेहूं उपार्जन कार्य का भी निरीक्षण किया गया। यहां व्यवस्था सुव्यवस्थित पाई गई, लेकिन प्रशासन ने सुधार और सतत निगरानी के निर्देश दिए। प्रशासन ने आगामी दिनों में संभावित मौसम परिवर्तन और वर्षा को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी उपज—गेहूं, चना और मसूर—को सुरक्षित स्थानों पर रखें और खुले में रखे अनाज को तिरपाल से ढककर सुरक्षित करें, ताकि नुकसान से बचा जा सके।
मंडी प्रभारियों और उपार्जन समितियों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए तिरपाल और अन्य आवश्यक संसाधन तुरंत उपलब्ध कराए जाएं। प्रशासन ने कहा है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- बार-बार बारदाने की कमी सामने आ रही है—क्या यह सप्लाई चेन की समस्या है या स्थानीय स्तर पर प्रबंधन की विफलता?
- क्या मौसम चेतावनी से पहले ही पर्याप्त भंडारण और सुरक्षा इंतजाम पूरे कर लिए जाते हैं, या हर बार आखिरी समय पर कदम उठाए जाते हैं?
- उपार्जन केंद्रों की निगरानी के लिए क्या कोई स्थायी डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया गया है, ताकि जमीनी स्थिति रियल टाइम में ट्रैक हो सके?
