![]() |
| उमरिया; “फाइलें अटकीं तो अफसरों पर गिरेगी गाज—सीएम हेल्पलाइन में ढिलाई पर कलेक्टर का सख्त अल्टीमेटम” Aajtak24 News |
उमरिया - जिले में प्रशासनिक लापरवाही पर अब सख्ती बढ़ती नजर आ रही है। कलेक्टर राखी सहाय ने समयसीमा बैठक में स्पष्ट संदेश दिया कि अब लंबित शिकायतों और फाइलों में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न विभागों के लंबित मामलों की गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण अनिवार्य रूप से किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई तय है। बैठक में मुख्यमंत्री निवास, आयुक्त शहडोल संभाग, जनसुनवाई, न्यायालयीन प्रकरणों, मानवाधिकार मामलों और अन्य शिकायतों की विभागवार समीक्षा की गई। विशेष रूप से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और तुरंत सुधार के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने समय पर अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों पर भी सख्त रुख अपनाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग सहित कमजोर प्रदर्शन करने वाले विभागों को एक सप्ताह के भीतर सुधार लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े मामलों पर भी नाराजगी जताई गई, जहां एक कर्मचारी द्वारा जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई। इस पर कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए कि बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा वन विभाग सहित सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए, ताकि लंबित मामलों का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके। बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और सभी को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि अब प्रदर्शन ही प्राथमिकता होगी।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- सीएम हेल्पलाइन में लगातार कमजोर प्रदर्शन करने वाले विभागों पर अब तक कितने अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है?
- क्या समयसीमा बैठकों में दिए गए निर्देशों के पालन की कोई स्वतंत्र मॉनिटरिंग व्यवस्था भी बनाई गई है, या यह केवल निर्देशों तक सीमित रहता है?
- बार-बार अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों पर क्या वास्तव में अनुशासनात्मक कार्रवाई होती है, या यह चेतावनी सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाती है?
