| सुकमा; कलेक्टर ने खुद कराई जांच, अब दफ्तर बना ‘मिनी हॉस्पिटल Aajtak24 News |
सुकमा - सुशासन की दिशा में एक नई पहल करते हुए सुकमा जिला प्रशासन ने सरकारी कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को उनके कार्यस्थल तक पहुंचा दिया है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान और सुशासन तिहार के तहत कलेक्ट्रेट सहित विभिन्न कार्यालयों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। इस पहल के तहत अब अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वास्थ्य जांच, आयुष्मान कार्ड निर्माण या अन्य जरूरी सेवाओं के लिए कार्यालय से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि कार्यक्षमता में भी सुधार आने की उम्मीद है।
अभियान को दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। 05 और 06 मई को कलेक्टर कार्यालय में शिविर आयोजित हुआ, जबकि 07 और 08 मई को जिला पंचायत और सीएमएचओ कार्यालय में भी इसी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पहल को खास बनाते हुए कलेक्टर अमित कुमार खुद शिविर में पहुंचे और बीपी व शुगर की जांच कराई। उनके इस कदम ने कर्मचारियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया और प्रशासन की प्राथमिकताओं को भी स्पष्ट किया।
शिविर में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, दवाओं का वितरण, लंबित आयुष्मान कार्ड निर्माण और जन्म, मृत्यु व विवाह प्रमाण पत्र से जुड़े कार्यों का त्वरित समाधान किया जा रहा है। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलने वाला यह अभियान प्रशासन की संवेदनशीलता और सक्रियता का उदाहरण बनकर सामने आया है। इस पहल से जहां कर्मचारियों को त्वरित लाभ मिल रहा है, वहीं सरकारी योजनाओं का लाभ भी तेजी से पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने की दिशा में यह एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- यह सुविधा फिलहाल सरकारी कर्मचारियों तक सीमित है—क्या आम जनता के लिए भी ऐसे ‘ऑफिस-आधारित’ स्वास्थ्य शिविरों की कोई ठोस योजना है?
- क्या यह पहल स्थायी व्यवस्था बनेगी या सुशासन तिहार के बाद यह सुविधा बंद हो जाएगी?
- स्वास्थ्य जांच के साथ फॉलो-अप इलाज की क्या व्यवस्था है, या यह अभियान सिर्फ प्राथमिक जांच तक ही सीमित रहेगा?