महासमुंद; डिजिटल ठगी के जाल से लेकर नशे तक—महासमुंद पुलिस का ‘नवा बिहान’ अभियान, गांव-गांव पहुंची सुरक्षा की मुहिम Aajtak24 News

डिजिटल ठगी के जाल से लेकर नशे तक—महासमुंद पुलिस का ‘नवा बिहान’ अभियान, गांव-गांव पहुंची सुरक्षा की मुहिम Aajtak24 News

महासमुंद - जिले में पुलिस ने आम जनता को साइबर अपराध, नशे और सामाजिक अपराधों से बचाने के लिए “नवा बिहान” नाम से एक व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत पुलिस टीम लगातार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को डिजिटल सुरक्षा और सामाजिक सतर्कता के प्रति जागरूक कर रही है। 03 मई 2026 को आयोजित विशेष कार्यक्रमों में हाट-बाजार, स्कूल, कॉलेज, बस स्टैंड, बैंक और ग्रामीण चौक-चौराहों पर पुलिस ने सीधे लोगों से संवाद किया। इस दौरान 1000 से अधिक लोगों ने कार्यक्रम में भाग लेकर विभिन्न जानकारियों का लाभ लिया। अभियान में मुख्य रूप से साइबर अपराध से बचाव, सोशल मीडिया सुरक्षा, ऑनलाइन फ्रॉड, नशा मुक्ति संदेश और गौ तस्करी रोकथाम जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को बताया कि आज के डिजिटल युग में फर्जी लिंक, फेक प्रोफाइल, और ऑनलाइन ठगी के नए-नए तरीके तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनसे सावधान रहना जरूरी है।

कार्यक्रम के दौरान लोगों को समझाया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले सावधानी बरतें और अपनी निजी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें। साथ ही मोबाइल में मजबूत पासवर्ड और टू-स्टेप वेरिफिकेशन लगाने की सलाह दी गई। पुलिस ने खास तौर पर “डिजिटल अरेस्ट” जैसे साइबर फ्रॉड के मामलों पर चेतावनी दी, जिसमें अपराधी खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को डराकर पैसे वसूलते हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी एजेंसी इस तरह वीडियो कॉल पर पैसे की मांग नहीं करती। साइबर ठगी की स्थिति में लोगों को तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई।

इसके साथ ही महासमुंद पुलिस ने “संवाद” नाम से एक विशेष हेल्प डेस्क भी शुरू की है, जिसका व्हाट्सएप नंबर 9479229939 जारी किया गया है। इस नंबर पर लोग गुप्त या सामान्य शिकायत दर्ज करा सकते हैं और उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। अभियान में नशा मुक्ति, महिला सुरक्षा, यातायात नियमों और गौ तस्करी रोकथाम पर भी जोर दिया गया। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और समाज को सुरक्षित बनाने में सहयोग करें।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल

  1. साइबर ठगी के मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, तो क्या पुलिस के पास रोकथाम के लिए सिर्फ जागरूकता ही रणनीति है या तकनीकी स्तर पर भी कोई मजबूत साइबर सुरक्षा नेटवर्क विकसित किया गया है?
  2. “संवाद” हेल्प डेस्क में शिकायतें आने के बाद उन पर कार्रवाई की औसत गति कितनी है और क्या इसकी मॉनिटरिंग सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाएगी?
  3. गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद क्या पुलिस के पास यह डेटा है कि कितने लोग वास्तव में इन साइबर अपराधों के शिकार हो चुके हैं और उनके नुकसान की भरपाई कैसे हो रही है?

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