रायपुर; “छोटा पैकेट, बड़ा नेटवर्क! रायपुर में हेरोइन (चिट्टा) सप्लाई रैकेट का भंडाफोड़ Aajtak24 News

रायपुर; “छोटा पैकेट, बड़ा नेटवर्क! रायपुर में हेरोइन (चिट्टा) सप्लाई रैकेट का भंडाफोड़ Aajtak24 News

रायपुर - रायपुर में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कमिश्नरेट पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और थाना कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हेरोइन (चिट्टा) की सप्लाई करने वाले गिरोह के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें दुर्ग जिले का एक तस्कर भी शामिल है। पुलिस को 03 मई 2026 को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि नरैय्या तालाब क्षेत्र स्थित सुलभ शौचालय के पास कुछ संदिग्ध व्यक्ति हेरोइन की अवैध बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तुरंत संयुक्त टीम गठित कर मौके पर दबिश दी गई।

पुलिस टीम ने संदिग्धों की पहचान कर उन्हें घेराबंदी कर पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी भागने लगे। इसके बाद टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को पकड़ लिया। तलाशी में उनके पास से कुल 11 ग्राम 990 मिलीग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2.40 लाख रुपये बताई गई है।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजवीर सिंह (दुर्ग), मोहम्मद अयान, उबैद रजा और मोहम्मद शरीफ (रायपुर) के रूप में हुई है। सभी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(ए) और 29 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक कार्रवाई के लिए भेजा गया है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर पर सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार सरहदी जिलों से जुड़े होने की आशंका है। इसी वजह से पुलिस अब इस मामले में फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज की गहन जांच कर रही है, ताकि पूरे सप्लाई नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि लगातार कार्रवाई और दबाव के कारण अब नशा तस्कर शहरों के साथ-साथ सीमावर्ती जिलों से भी सप्लाई चैन बदलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पुलिस की निगरानी और अभियान लगातार जारी रहेगा।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल

  1. क्या यह गिरफ्तारी केवल छोटे सप्लायर्स तक सीमित है या इसके पीछे किसी बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का लिंक भी सामने आ रहा है?
  2. सरहदी जिलों से लगातार सप्लाई होने के बावजूद क्या पुलिस और नारकोटिक्स इकाइयों के बीच इंटेलिजेंस शेयरिंग पर्याप्त मजबूत है या कहीं गैप रह रहा है?
  3. हेरोइन जैसे हाई-प्रॉफिट ड्रग्स की सप्लाई शहर के बीचोंबीच हो रही है, तो क्या यह माना जाए कि लोकल लेवल पर निगरानी और मुखबिर तंत्र अभी भी पूरी तरह प्रभावी नहीं है?


Post a Comment

Previous Post Next Post