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| कवर्धा; गर्मी से पहले ‘वार रूम’ एक्टिव: हर गांव तक पानी पहुंचाने के लिए अफसरों की टीम तैनात Aajtak24 News |
कवर्धा - जिले में भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के निर्देश पर पूरे जिले में जिला और विकासखंड स्तर पर नोडल अधिकारी तथा हैंडपंप तकनीशियनों की नियुक्ति की गई है, ताकि पानी से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके। प्रशासन ने नागरिकों की सुविधा के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-0008 भी जारी किया है, जिस पर कॉल कर पेयजल संकट या हैंडपंप खराब होने जैसी शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं।
तुरंत समाधान पर जोर
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी गांव में पानी की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उसे प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। सभी अधिकारियों को सतत निगरानी रखने और फील्ड में सक्रिय रहने को कहा गया है। जिला स्तर पर सहायक अभियंता श्री गोपाल प्रसाद ठाकुर को पेयजल प्रभारी बनाया गया है। वहीं विभिन्न विकासखंडों में उप अभियंता और तकनीशियनों की टीम तैनात की गई है, जो मौके पर जाकर मरम्मत और सुधार कार्य करेंगे।
कंट्रोल रूम और फील्ड नेटवर्क
पेयजल व्यवस्था को तेज प्रतिक्रिया प्रणाली से जोड़ने के लिए कंट्रोल रूम प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं, ताकि शिकायतें सीधे संबंधित टीम तक पहुंच सकें और देरी न हो।
प्रशासन का लक्ष्य
कलेक्टर ने कहा कि गर्मी के दौरान पेयजल संकट किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है कि शिकायत मिलते ही उसका समाधान किया जाए। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी समस्या की जानकारी तुरंत दिए गए नंबरों पर दें, ताकि समय पर कार्रवाई हो सके।
प्रेस वार्ता के लिए 3 तीखे सवाल
- हर साल गर्मी में टोल-फ्री नंबर और नोडल अधिकारी क्यों बनाए जाते हैं, फिर भी कई गांवों में पानी की समस्या स्थायी रूप से क्यों बनी रहती है?
- क्या यह तैनाती केवल “इमरजेंसी मॉडल” है, या इसके पीछे कोई दीर्घकालिक पेयजल सुधार योजना भी लागू की जा रही है?
- अगर शिकायत पर तुरंत समाधान का दावा है, तो क्या प्रशासन समयबद्ध डाटा सार्वजनिक करेगा कि कितनी शिकायतें वास्तव में तय समय में हल हुईं?
