| बालोद; अब राजस्व फाइलें अटकेंगी नहीं: कलेक्टर का सख्त अल्टीमेटम Aajtak24 News |
बालोद - जिले में राजस्व प्रकरणों के लंबित मामलों को लेकर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी मामलों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में किया जाए। कलेक्टर ने संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि आम जनता को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए अनावश्यक परेशान न होना पड़े, इसके लिए सिस्टम को और अधिक जवाबदेह बनाया जाए।
अभिलेख और प्रकरणों पर फोकस
बैठक में उन्होंने विशेष रूप से—
- अधिकार अभिलेखों का शीघ्र निर्माण
- आरबीसी 6/4 के प्रकरणों का त्वरित निराकरण
- तहसीलवार लंबित राजस्व मामलों की समीक्षा
पर जोर दिया।
कलेक्टर ने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और हर अधिकारी की जिम्मेदारी तय समय में काम पूरा करना होगा।
सुशासन तिहार की तैयारी
बैठक में “सुशासन तिहार” के तहत आने वाले राजस्व मामलों के समाधान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
उन्होंने निर्देश दिए कि—
- एसडीएम को नोडल अधिकारी बनाया गया है
- तहसीलदार सहायक नोडल अधिकारी होंगे
- सभी जनसमस्या निवारण शिविर सुचारू और व्यवस्थित हों
- नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो
प्रशासन का संदेश
कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल शिकायतें लेना नहीं, बल्कि वास्तविक समय पर समाधान देना है। इसलिए सभी अधिकारी पूरी तैयारी के साथ शिविरों में मौजूद रहें और जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल
- राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के बावजूद फाइलें महीनों तक लंबित क्यों रहती हैं—क्या यह स्टाफ की कमी है या जवाबदेही का अभाव?
- “आरबीसी 6/4” जैसे संवेदनशील प्रकरणों में देरी का वास्तविक कारण क्या है, और क्या इसमें जानबूझकर विलंब की शिकायतें भी सामने आती हैं?
- सुशासन तिहार जैसे अभियानों के बावजूद क्या यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि स्थायी रूप से सिस्टम सुधरेगा या यह सिर्फ अस्थायी समाधान रह जाएगा?