कोंडागांव ; सुशासन तिहार पर सचिव का सख्त संदेश: जनता के आवेदन दबे तो अफसरों की खैर नहीं! Aajtak24 News

सुशासन तिहार पर सचिव का सख्त संदेश: जनता के आवेदन दबे तो अफसरों की खैर नहीं! Aajtak24 News

कोंडागांव - सुशासन तिहार के तहत जनता से प्राप्त हो रहे आवेदनों के निराकरण को लेकर अब प्रशासनिक सख्ती बढ़ती नजर आ रही है। कोंडागांव जिले के प्रभारी सचिव श्री भीम सिंह ने बुधवार को केशकाल विकासखंड के ग्राम धनोरा स्थित पीएमश्री स्कूल में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर साफ शब्दों में कहा कि आम जनता की समस्याओं से जुड़े आवेदनों को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ निपटाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और लोक सेवा गारंटी के मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक श्री आकाश श्रीश्रीमाल सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे। प्रभारी सचिव ने विभागवार योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए जमीनी प्रगति का ब्यौरा लिया और कई मामलों में अधिकारियों को फटकार भी लगाई।

बिजली और पेयजल व्यवस्था पर विशेष जोर

जिले में लगातार सामने आ रही बिजली समस्याओं को लेकर प्रभारी सचिव ने विद्युत विभाग को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट को जल्द दूर करना प्राथमिकता होनी चाहिए। वहीं जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने हर घर जल प्रमाणित गांवों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और जिन गांवों में अब भी पेयजल संकट है, वहां लंबित कार्य तत्काल पूरा करने को कहा।

पीएम आवास और राजमिस्त्री संकट पर चिंता

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा में कई आवास अधूरे पाए जाने पर प्रभारी सचिव ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्वीकृत आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि राजमिस्त्रियों की कमी है तो उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए, ताकि निर्माण कार्य प्रभावित न हो।

किसानों, खाद-बीज और धान उठाव पर निर्देश

कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से सभी पात्र किसानों को जोड़ने के निर्देश दिए गए। खाद और बीज की उपलब्धता की भी समीक्षा हुई, जिसमें अधिकारियों को बाजार में लगातार निगरानी रखने को कहा गया। धान उठाव की धीमी गति पर भी चिंता जताई गई और जिला विपणन अधिकारी को शत-प्रतिशत उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उज्ज्वला योजना और स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा

प्रभारी सचिव ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को गैस उपयोग के फायदे बताए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि लाभार्थी वास्तव में एलपीजी का उपयोग कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान, सिकल सेल जांच और आयुष्मान कार्ड योजना की प्रगति पर चर्चा हुई। उन्होंने शेष पात्र नागरिकों के आयुष्मान कार्ड जल्द बनाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए।

पेंशन और शिक्षा व्यवस्था पर भी सख्ती

बैठक में लंबित पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर दिया गया। साथ ही पीएमश्री स्कूलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और निर्धारित सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। प्रभारी सचिव ने स्पष्ट कहा कि शासन की योजनाओं का असर तभी दिखाई देगा जब अधिकारी जमीनी स्तर पर सक्रियता और जवाबदेही के साथ काम करेंगे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जब सुशासन तिहार के दौरान ही अधिकारियों को “संवेदनशीलता” से आवेदन निपटाने के निर्देश देने पड़ रहे हैं, तो क्या यह माना जाए कि सामान्य दिनों में जनता की शिकायतों पर गंभीरता से काम नहीं हो रहा था?
  2. प्रधानमंत्री आवास योजना में राजमिस्त्रियों की कमी अब सामने आ रही है, तो क्या प्रशासन ने पहले से निर्माण कार्यों की वास्तविक जरूरत और संसाधनों का आकलन नहीं किया था?
  3. उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को गैस उपयोग के लिए फिर से जागरूक करने की जरूरत क्यों पड़ रही है? क्या सरकार के पास यह डेटा है कि कितने परिवार आज भी सिलेंडर भरवाने में सक्षम नहीं हैं?

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