| थाने की दीवारें टूटीं, जनता से सीधा संवाद—क्या यही है असली पुलिसिंग का नया मॉडल? Aajtak24 News |
बड़वानी - जिले में पुलिस-जन समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से सेंधवा शहर पुलिस द्वारा वार्ड क्रमांक 08 में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल के मार्गदर्शन और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह कुशवाह ने स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद कर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, समस्याओं और सुझावों पर चर्चा की। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।
नशा, साइबर अपराध और CCTV पर विशेष जोर
जनसंवाद में पुलिस ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जागरूकता फैलाई—
- युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया
- साइबर अपराध से बचाव पर सलाह दी गई
- अज्ञात लिंक, कॉल और ऑनलाइन धोखाधड़ी से सतर्क रहने की अपील की गई
- व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की चेतावनी दी गई
- वार्ड में CCTV कैमरे लगाने के लिए नागरिकों को प्रेरित किया गया
जनता से पुलिस का सीधा जुड़ाव
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि—
“जनसंवाद का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास और समन्वय बढ़ाना है, ताकि लोग बिना झिझक अपनी समस्याएं साझा कर सकें।”
साथ ही यह भी कहा गया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
स्थानीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में वार्ड पार्षद पिंकी (पति श्री अखिलेश पवार), वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री अशोक चौधरी, श्री अनिल वाघ सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सीधे सवाल
- क्या जनसंवाद कार्यक्रम नियमित पुलिसिंग का हिस्सा हैं, या फिर यह बढ़ते अपराध और शिकायतों के दबाव में बनाई गई प्रतिक्रिया रणनीति है?
- नशा और साइबर अपराध पर जागरूकता लगातार हो रही है, फिर भी क्या पुलिस के पास ऐसे मामलों को रोकने के लिए पर्याप्त जमीनी संसाधन और तकनीकी क्षमता है?
- CCTV लगाने की अपील जनता से की जा रही है, तो क्या यह संकेत है कि सार्वजनिक सुरक्षा का बोझ अब धीरे-धीरे नागरिकों पर स्थानांतरित किया जा रहा है?