| बस्तर; गांव-गांव पहुंची सरकार: सुशासन तिहार बना योजनाओं और समस्याओं के समाधान का बड़ा मंच Aajtak24 News |
जगदलपुर - बस्तर जिले में “सुशासन तिहार 2026” के तहत जगदलपुर विकासखंड के ग्राम मारकेल और बकावंड विकासखंड के ग्राम कोलावल में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद देखने को मिला।
मारकेल शिविर में सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप और विधायक जगदलपुर श्री किरण सिंह देव शामिल हुए, जबकि कोलावल शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप ने भाग लिया। दोनों शिविरों में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
मारकेल में 89 आवेदन और कोलावल में 76 आवेदन प्राप्त हुए। कुल मिलाकर 165 से अधिक आवेदन दर्ज किए गए, जिनमें से कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों को समयबद्ध समाधान के लिए संबंधित विभागों को सौंपा गया।
“सुशासन तिहार जनता से सीधा संवाद का माध्यम”
सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि सुशासन तिहार शासन को जनता के और करीब लाने का प्रयास है, जिससे योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। विधायक श्री किरण सिंह देव ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है ताकि लोग वास्तविक लाभ प्राप्त कर सकें। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप ने कहा कि गांव स्तर पर समस्याओं को समझे बिना विकास संभव नहीं है, इसलिए ऐसे शिविर बेहद महत्वपूर्ण हैं।
2.65 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण
मारकेल शिविर में सांसद और विधायक द्वारा ₹2.65 करोड़ की लागत से 30 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। शिविर में 29 विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की जानकारी दी गई।
हितग्राहियों ने साझा किए अनुभव
शिविर में मत्स्य पालन, डेयरी उद्यमिता, आयुष्मान योजना, महतारी वंदन योजना और मातृ वंदन योजना के लाभार्थियों ने मंच पर अपने अनुभव साझा किए। लाभार्थियों ने बताया कि योजनाओं से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और जीवन स्तर में सुधार आया है।
मौके पर मिला सीधा लाभ
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को तत्काल लाभ प्रदान किया गया—
- मत्स्य विभाग: जाल एवं आइसबॉक्स
- स्वास्थ्य विभाग: आयुष्मान कार्ड, सिकलसेल कार्ड, टीबी पोषण किट
- शिक्षा विभाग: जाति प्रमाण पत्र, गणवेश, पानी बोतल
- समाज कल्याण: पेंशन लाभ
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- 165 आवेदनों में से मौके पर निपटाए गए मामलों की वास्तविक स्थिति क्या है—क्या यह समाधान स्थायी है या केवल अस्थायी निपटान, और लंबित मामलों की समयसीमा कौन तय करेगा?
- मंच पर साझा की गई “सफलता की कहानियों” और लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी थी—क्या यह स्वतंत्र सत्यापन पर आधारित है या प्रशासनिक चयनित प्रस्तुति?
- ₹2.65 करोड़ के 30 विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था क्या है, और यदि कार्य अधूरे या धीमे रहे तो जवाबदेही किसकी होगी?