छतरपुर; तहसील में कलेक्टर का ‘सख्त निरीक्षण मोड’: कोर्ट में पेशी बढ़ाने के आदेश Aajtak24 News

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छतरपुर - जिले के घुवारा तहसील कार्यालय में कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने औचक निरीक्षण कर राजस्व व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। बड़ामलहरा क्षेत्र के भ्रमण के दौरान किए गए इस निरीक्षण में उन्होंने नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे लंबित प्रकरणों की स्थिति का विस्तार से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने तहसीलदार कोर्ट में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का निपटारा निर्धारित समयसीमा में अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कोर्ट में पेशियों की संख्या बढ़ाई जाए, जिससे मामलों का तेजी से निराकरण हो सके।

कलेक्टर ने पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि सभी आवेदन केवल लोक सेवा केंद्र के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएं, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। उन्होंने पुराने निपटाए गए प्रकरणों की भी समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आवेदकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और तरमीम, सीमांकन तथा मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने तहसील कार्यालय की अधोसंरचना सुधार के भी निर्देश दिए, ताकि आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि पटवारी आदेशों का समय पर पालन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। इस दौरान एसडीएम अखिल राठौर और तहसीलदार आदित्य सोनकिया उपस्थित रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. लंबित राजस्व प्रकरण लगातार क्यों बढ़ रहे हैं—क्या यह पटवारी स्तर की लापरवाही है या पूरी राजस्व प्रणाली की विफलता?
  2. कोर्ट में पेशी बढ़ाने से क्या समस्या का स्थायी समाधान होगा, या केवल लंबित मामलों को तेज दिखाने की कोशिश है?
  3. लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन की व्यवस्था के बावजूद जमीनी स्तर पर पारदर्शिता क्यों नहीं दिख रही?

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