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| रीवा में उद्यमिता का नया शंखनाद: एससी-एसटी युवाओं को उद्योगपति बनाने के लिए जुटीं सरकारी कंपनियां Aajtak24 News |
रीवा - विंध्य अंचल के युवाओं को अब रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल हुई है। गुरुवार को समदड़िया गोल्ड रीवा में 'नेशनल एससी-एसटी हब' और 'डलित इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की)' के संयुक्त तत्वावधान में “उद्यमिता जागरूकता एंड स्पेशल वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम” का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में रीवा संभाग के सैकड़ों युवाओं और उद्यमियों ने हिस्सा लिया, जहाँ उन्हें उद्योग स्थापना से लेकर सरकारी सप्लायर बनने तक के गुर सिखाए गए।
सरकारी योजनाओं का पिटारा: 25% सब्सिडी और आसान कर्ज
नेशनल एससी-एसटी हब के प्रभारी महेंद्र मालवीय ने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए बताया कि केंद्र सरकार एससी-एसटी वर्ग के उद्यमियों को विशेष सुविधाएं दे रही है। उन्होंने कहा कि नया व्यापार शुरू करने के लिए 25 प्रतिशत की कैपिटल सब्सिडी, बैंक लोन प्रोसेसिंग फीस की वापसी और मार्केटिंग सहायता जैसी अनेक योजनाएं उपलब्ध हैं। सरकार का मुख्य लक्ष्य इन युवाओं को बड़ी सरकारी कंपनियों का 'सप्लायर' बनाना है, ताकि वे स्थायी व्यापार से जुड़ सकें।
विंध्य में अवसरों की खान: सीमेंट और बिजली क्षेत्र में बढ़ें आगे
डिक्की के अध्यक्ष डॉ. अनिल सिरवैया ने एक कड़वी हकीकत बयां करते हुए कहा कि 40 प्रतिशत आबादी को केवल सरकारी नौकरी देना संभव नहीं है, इसलिए आत्मनिर्भरता ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने विंध्य अंचल को 'अवसरों की खदान' बताते हुए कहा कि सिंगरौली के एनसीएल (NCL), एनटीपीसी (NTPC) और सतना-रीवा के सीमेंट प्लांट में लगने वाले सामान की सप्लाई के लिए छोटे उद्योग (एंसिलरी यूनिट) लगाए जा सकते हैं। उन्होंने युवाओं को 'क्लस्टर' बनाकर काम करने की सलाह दी।
कुशलता (Skill) है सफलता की कुंजी
एमपीआईडीसी रीवा के कार्यकारी निदेशक यूके तिवारी ने स्किल डेवलपमेंट पर जोर देते हुए कहा कि उद्योग लगाने से पहले उसका व्यावहारिक ज्ञान होना जरूरी है। उन्होंने सिंगरौली में एक विशेष 'स्किल डेवलपमेंट सेंटर' विकसित करने का प्रस्ताव रखा। वहीं, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक जेपी तिवारी ने बताया कि राज्य सरकार की योजनाओं में उद्योग स्थापना के लिए भूमि और 90 प्रतिशत तक सहायता का प्रावधान है।
दिग्गज कंपनियों और बैंकों ने बताया 'बिजनेस रोडमैप'
कार्यक्रम में एनटीपीसी के महाप्रबंधक के. वामसी मोहन और एनसीएल के आनंद पाटिल ने अपनी कंपनियों की खरीद प्रक्रिया और स्थानीय सप्लायरों के लिए आरक्षण के नियमों की जानकारी दी। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चीफ मैनेजर सचिन नेमा ने बताया कि सही मार्गदर्शन और दस्तावेजों के साथ बैंक से ऋण प्राप्त करना अब बहुत आसान है। साथ ही, मुजम्मिल कुरैशी ने गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस (GeM) के जरिए मोबाइल से ही देशभर में व्यापार करने का तरीका सिखाया।
आत्मनिर्भरता का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में डिक्की रीवा कोऑर्डिनेटर स्नेहित आर्य ने भरोसा दिलाया कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम जिले में नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। उपस्थित युवाओं ने उद्यमिता की दिशा में कदम बढ़ाने का संकल्प लिया और विशेषज्ञों से अपनी शंकाओं का समाधान किया। इस दौरान जनजातीय कार्य विभाग, उद्यानिकी और एनआरएम के अधिकारियों ने भी स्वरोजगार की विभागीय योजनाओं से अवगत कराया।
