| बड़वानी; गांव की चौपाल में पहुंची पुलिस: हेलमेट से लेकर साइबर फ्रॉड तक, ग्रामीणों को दिया सुरक्षा का पाठ Aajtak24 News |
बड़वानी - जिले के ग्राम वरल्यापानी में मंगलवार को पुलिस की चौपाल उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब थाना निवाली पुलिस गांव के बीच पहुंचकर ग्रामीणों को कानून, सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करती नजर आई। पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन में आयोजित इस विशेष जनजागरूकता अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते सड़क हादसों, साइबर अपराधों और महिला अपराधों को लेकर लोगों को सतर्क करना था। चौपाल के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को यातायात नियमों का पालन करने की अहमियत समझाई। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना केवल कानूनी मजबूरी नहीं बल्कि जीवन सुरक्षा का सबसे बड़ा साधन है। साथ ही पिकअप और मालवाहक वाहनों में सवारी बैठाने को बेहद खतरनाक बताते हुए ग्रामीणों को इससे बचने की सलाह दी गई। पुलिस ने ओवरलोड वाहनों में यात्रा न करने की भी हिदायत दी और कहा कि छोटी लापरवाही कई बार बड़े हादसों में बदल जाती है।
कार्यक्रम में “मिशन D3” के तहत सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी जागरूकता फैलाई गई। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि नशा, बाल विवाह, घरेलू हिंसा और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसी समस्याओं को केवल प्रशासन नहीं बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही रोका जा सकता है। वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर फ्रॉड को लेकर भी ग्रामीणों को सतर्क किया गया। पुलिस ने समझाया कि अनजान लिंक, फर्जी कॉल और ओटीपी साझा करने जैसी गलतियां लोगों की मेहनत की कमाई को खतरे में डाल सकती हैं। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी संदिग्ध फोन कॉल, बैंकिंग मैसेज या ऑनलाइन लेनदेन को लेकर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क किया जाए।
महिला सुरक्षा को लेकर भी चौपाल में विशेष चर्चा हुई। पुलिस ने महिलाओं को हेल्पलाइन नंबरों, कानूनी अधिकारों और सुरक्षा संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, घरेलू हिंसा या अपराध की स्थिति में महिलाएं बिना डर पुलिस से संपर्क करें। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने भी खुलकर अपनी समस्याएं और सवाल पुलिस के सामने रखे। पुलिस अधिकारियों ने सरल भाषा में सभी प्रश्नों के जवाब दिए और भरोसा दिलाया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस हमेशा उनके साथ खड़ी है। पुलिस ने अंत में लोगों से अपील की कि वे जागरूक नागरिक बनें, कानून का पालन करें और गांव में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। प्रशासन का मानना है कि गांव स्तर पर इस तरह की चौपालें अपराध रोकने और लोगों में विश्वास बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकती हैं।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार सड़क हादसे और साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं, तो क्या केवल चौपाल लगाने से स्थिति बदलेगी या प्रशासन के पास जमीनी स्तर पर निगरानी और कार्रवाई की ठोस योजना भी है?
- महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन क्या पुलिस यह बताएगी कि पिछले एक वर्ष में ग्रामीण क्षेत्रों में महिला अपराधों के कितने मामलों में वास्तविक कार्रवाई और सजा हुई?
- पिकअप और मालवाहक वाहनों में खुलेआम सवारियां बैठाने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, तो क्या स्थानीय स्तर पर पुलिस और परिवहन विभाग की नियमित कार्रवाई पर्याप्त नहीं मानी जानी चाहिए?