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| इंदौर; जनसुनवाई में मिला नया जीवन!” किडनी पीड़ित बेटी की बची सांसें, मानसिक रोगी पर कार्रवाई से मोहल्ले को राहत Aajtak24 News |
इंदौर - जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई इस बार कई जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद और राहत का केंद्र बनकर सामने आई। जनसुनवाई के दौरान ऐसे मामले सामने आए, जिन्होंने प्रशासनिक संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की तस्वीर को उजागर किया। कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कई प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण कराया, जबकि अन्य मामलों में संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई के दौरान सबसे भावुक दृश्य तब देखने को मिला जब दोनों किडनियों की बीमारी से पीड़ित एक बालिका अपने माता-पिता के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंची। परिवार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि आर्थिक तंगी के कारण बेटी का इलाज कराना उनके लिए लगभग असंभव हो चुका था।
परिजनों ने कहा कि कई जगह मदद मांगने के बाद भी समाधान नहीं मिला, लेकिन जनसुनवाई में आवेदन देने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। कलेक्टर श्री वर्मा के निर्देश पर तत्काल उपचार की व्यवस्था कराई गई और नियमित डायलिसिस शुरू हुआ। समय पर उपचार मिलने से बालिका की हालत में सुधार आया और उसका जीवन सुरक्षित हो सका। माता-पिता ने कहा कि यदि जिला प्रशासन समय पर सहयोग नहीं करता तो शायद उनकी बेटी को बचा पाना संभव नहीं होता। इस घटना ने जनसुनवाई को केवल शिकायत मंच नहीं बल्कि जरूरतमंदों के लिए भरोसे और जीवनरक्षक व्यवस्था के रूप में स्थापित किया है।
इसी तरह नेहरू नगर क्षेत्र से जुड़े एक मामले में भी प्रशासन की तत्परता देखने को मिली। क्षेत्र निवासी श्री अजीत रघुवंशी ने शिकायत की थी कि एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति लंबे समय से मोहल्ले के लोगों को परेशान कर रहा था। स्थानीय लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल था। कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को मानसिक चिकित्सालय भेजा गया, जिससे क्षेत्रवासियों को राहत मिली। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय बाद मोहल्ले में शांति का माहौल बना है।
जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में नागरिक विभिन्न समस्याएं लेकर पहुंचे। इनमें प्लॉट विवाद, संपत्ति संबंधी मामले, चिकित्सा सहायता, रोजगार, पारिवारिक विवाद और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े आवेदन प्रमुख रहे। कलेक्टर श्री वर्मा ने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति उम्मीद लेकर आता है, इसलिए उसके आवेदन का निराकरण संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ किया जाना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता आमजन को समय पर राहत और पारदर्शी प्रशासन उपलब्ध कराना है। जनसुनवाई के माध्यम से प्रशासन सीधे नागरिकों से संवाद स्थापित कर रहा है और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का प्रयास किया जा रहा है। जनसुनवाई में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सिद्धार्थ जैन, अपर कलेक्टर श्री नवजीवन विजय पंवार, श्री रोशन राय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने नागरिकों की समस्याएं सुनकर संबंधित विभागों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जनसुनवाई में गंभीर बीमारियों के मामलों में तत्काल इलाज की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन क्या जिला प्रशासन के पास ऐसे जरूरतमंद मरीजों की पहले से पहचान और सहायता के लिए कोई स्थायी तंत्र मौजूद है, या लोग सिर्फ जनसुनवाई के भरोसे हैं?
- नेहरू नगर में मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति लंबे समय से लोगों को परेशान कर रहा था, तो सवाल यह है कि स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं मिली? क्या सिस्टम सिर्फ शिकायत आने के बाद ही सक्रिय होता है?
- जनसुनवाई में हर सप्ताह बड़ी संख्या में आवेदन आते हैं, लेकिन कितने मामलों का वास्तविक और स्थायी समाधान हो पाता है? क्या प्रशासन के पास निराकरण के बाद फॉलोअप और मॉनिटरिंग की कोई पारदर्शी व्यवस्था है?
