गांव की महिलाओं को पानी की जांच सौंपी, लेकिन क्या जिम्मेदारी के साथ संसाधन भी मिले? Aajtak24 News

गांव की महिलाओं को पानी की जांच सौंपी, लेकिन क्या जिम्मेदारी के साथ संसाधन भी मिले? Aajtak24 News

बालाघाट - किरनापुर विकासखंड में “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत एक अहम कदम उठाते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को फील्ड टेस्टिंग किट (FTK) से पेयजल गुणवत्ता जांच का प्रशिक्षण दिया गया। महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में 76 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सेक्टर सुपरवाइजर शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें पानी के pH, फ्लोराइड, आयरन और हार्डनेस जैसी जांचों की व्यावहारिक जानकारी दी गई।

“अब गांव में ही होगी पानी की प्राथमिक जांच”

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के अधिकारियों ने बताया कि अब आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों की नियमित जांच करेंगी। इसके लिए सभी प्रतिभागियों की FTK यूजर आईडी भी बनाई गई और उन्हें लाइव डेमो के जरिए पानी के नमूनों की जांच कराई गई।

सिर्फ प्रशिक्षण या नई जिम्मेदारी का विस्तार?

कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को बताया गया कि दूषित पानी बच्चों और ग्रामीण आबादी के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है, इसलिए नियमित जांच जरूरी है।

लेकिन इसी के साथ यह सवाल भी उठता है कि—

  • क्या आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त कार्यभार के साथ कोई अतिरिक्त संसाधन मिलेगा?
  • क्या FTK जांच की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की कोई तय व्यवस्था है?
  • और सबसे अहम—क्या यह जिम्मेदारी स्थायी तकनीकी व्यवस्था का विकल्प बन रही है?

जमीनी तस्वीर

प्रशिक्षण में पानी जांच का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया और इसे “सशक्तिकरण की दिशा में कदम” बताया गया।

लेकिन ग्रामीण स्तर पर असली चुनौती यह है कि—

  • जांच कितनी नियमित होगी
  • डेटा का उपयोग कितनी गंभीरता से होगा
  • और क्या यह व्यवस्था सिर्फ प्रशिक्षण तक सीमित रह जाएगी या फील्ड में असर दिखाएगी

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. क्या आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को FTK किट के नियमित उपयोग, मेंटेनेंस और रिप्लेसमेंट के लिए अलग बजट या संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं?
  2. यदि किसी गांव में पानी दूषित पाया जाता है, तो सुधारात्मक कार्रवाई की जिम्मेदारी किस विभाग की तय की गई है और उसकी समयसीमा क्या होगी?
  3. क्या FTK से एकत्र डेटा को किसी केंद्रीय डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा गया है, ताकि केवल जांच नहीं बल्कि वास्तविक सुधार भी सुनिश्चित हो सके?

Post a Comment

Previous Post Next Post