सिवनी में उद्योगों को मिलेगी नई रफ्तार? कलेक्टर ने अफसरों और उद्यमियों को एक मंच पर बुलाया Aajtak24 News

सिवनी में उद्योगों को मिलेगी नई रफ्तार? कलेक्टर ने अफसरों और उद्यमियों को एक मंच पर बुलाया Aajtak24 News

सिवनी - जिले में औद्योगिक विकास और नए निवेश को गति देने के उद्देश्य से बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय लघु उद्योग संवर्धन बोर्ड एवं जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने की। बैठक में जिले के औद्योगिक क्षेत्रों, नए औद्योगिक क्लस्टर की संभावनाओं और उद्योग स्थापना से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा जिले के मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों और पूर्व बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी प्रस्तुत की गई। साथ ही नए औद्योगिक क्षेत्रों की संभावनाओं पर प्रस्तुतीकरण भी दिया गया।

कलेक्टर नेहा मीना ने बैठक में मौजूद उद्यमियों से सीधा संवाद करते हुए उद्योग संचालन और स्थापना में आने वाली परेशानियों, आवश्यक सुविधाओं और निवेश संबंधी सुझावों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिले में औद्योगिक माहौल बेहतर बनाने और निवेशकों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रशासन हरसंभव सहयोग करेगा। बैठक में जिले में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों और कृषि आधारित उत्पादों के आधार पर नए निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों और उद्यमियों ने कृषि प्रसंस्करण, लघु उद्योग और स्थानीय संसाधनों पर आधारित औद्योगिक इकाइयों के विकास की जरूरत बताई। 

कलेक्टर ने महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र को निर्देश दिए कि जिले के छोटे-बड़े और युवा उद्यमियों के लिए एक वृहद सेमिनार आयोजित किया जाए, जिसमें विभागीय विशेषज्ञ उद्योग स्थापना से जुड़ी जानकारी, सरकारी योजनाओं और तकनीकी सहायता के बारे में मार्गदर्शन दें। बैठक में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के अधिकारी, स्थानीय उद्यमी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का मानना है कि उद्योगों के विस्तार से जिले में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. सिवनी में वर्षों से औद्योगिक विकास की बातें हो रही हैं, लेकिन अब तक बड़े निवेश और रोजगार सृजन में अपेक्षित सफलता क्यों नहीं मिल पाई?
  2. नए औद्योगिक क्लस्टर और भूमि आवंटन की चर्चा हो रही है, तो क्या प्रशासन के पास इसके लिए स्पष्ट समय-सीमा और कार्ययोजना भी है या यह केवल प्रारंभिक चर्चा तक सीमित है?
  3. युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन देने की बात की जा रही है, लेकिन क्या छोटे कारोबारियों को वास्तव में आसान ऋण, बिजली, जमीन और अनुमति जैसी बुनियादी सुविधाएं समय पर मिल पा रही हैं?

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