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| उज्जैन; उपार्जन में लापरवाही पर गिरी गाज: कलेक्टर का सख्त एक्शन Aajtak24 News |
उज्जैन - गेहूं उपार्जन कार्य में लापरवाही और अनियमितता पर कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों पर बड़ी गाज गिराई है। रविवार को किए गए औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने कई व्यवस्थाओं में गंभीर खामियां पाईं।
उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण
कलेक्टर ने ग्राम रामवासा स्थित रजनी वेयरहाउस का निरीक्षण किया, जहां लगभग 10,000 क्विंटल गेहूं की खरीदी शेष पाई गई। उन्होंने केंद्र पर श्रमिकों की पर्याप्त संख्या और तौल कांटों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि यहां प्रतिदिन करीब 2400 क्विंटल गेहूं की खरीदी हो रही है और रात 8 बजे तक कार्य जारी रहता है। कलेक्टर ने किसानों से सीधे संवाद कर व्यवस्थाओं की स्थिति की जानकारी ली।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
इसके बाद प्रशस्ति वेयरहाउस के निरीक्षण के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए—
- उपार्जन केंद्र के समिति प्रबंधक को नोटिस जारी करने के आदेश
- केंद्र में अनुपस्थित रहने पर नोडल अधिकारी (कृषि विस्तार अधिकारी) को निलंबित करने के निर्देश
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि उपार्जन कार्य में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बारदाना और व्यवस्था पर सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि:
- बारदानों की कोई कमी न हो
- नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए
- सभी केंद्रों पर अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करें
- उपार्जन कार्य को तेज गति से पूर्ण किया जाए
निरीक्षण के दौरान जिला आपूर्ति नियंत्रक, सहकारिता विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जब प्रतिदिन हजारों क्विंटल गेहूं की खरीदी हो रही है, तो फिर भी उपार्जन केंद्रों पर लापरवाही और अनुपस्थिति जैसी गंभीर खामियां क्यों बार-बार सामने आ रही हैं?
- केवल समिति प्रबंधक और नोडल अधिकारी पर कार्रवाई से क्या सिस्टम सुधरेगा, या फिर उच्च स्तर की निगरानी व्यवस्था भी जिम्मेदारी तय करेगी?
- बारदानों और श्रमिकों की कमी जैसी समस्याएं हर सीजन में क्यों दोहराई जाती हैं—क्या यह योजना प्रबंधन की स्थायी विफलता नहीं है?
