| बीजापुर; जंगलों के बीच पहुंची सेहत की दस्तक: फूलगट्टा में गांव-गांव जाकर हुई जांच Aajtak24 News |
बीजापुर - दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर के अंतर्गत आश्रित ग्राम फूलगट्टा में आयोजित विशेष स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता शिविर में ग्रामीणों को इलाज, जांच और स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया गया। शिविर में मातृ स्वास्थ्य, गैर संचारी रोगों की पहचान और आयुष्मान कार्ड निर्माण पर विशेष फोकस रहा।शुक्रवार को आयोजित इस शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। टीम ने विशेष रूप से गैर संचारी रोगों (एनसीडी) की जांच कर संभावित मरीजों की पहचान की और उनका पंजीयन किया। स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह और अन्य बीमारियों के प्रति जागरूक भी किया।
शिविर के दौरान पात्र हितग्राहियों के नए आयुष्मान कार्ड बनाए गए ताकि ग्रामीणों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके। इसके साथ ही नई गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनका पंजीयन किया गया और एएनसी कार्ड वितरित किए गए। स्वास्थ्य टीम ने गर्भवती महिलाओं को पोषण, सुरक्षित प्रसव और नियमित जांच से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीणों को स्वच्छता, संतुलित आहार और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।
शिविर में कुल 82 लोगों की एनसीडी स्क्रीनिंग की गई, जबकि हाईपरटेंशन के 3 मरीजों का फॉलोअप किया गया। इसके अलावा सर्दी-खांसी के 4, बुखार के 2 और स्केबीज (त्वचा रोग) के 8 मरीजों का उपचार किया गया। वहीं 5 नए आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ऐसे शिविर आगे भी लगातार आयोजित किए जाएंगे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- यदि गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर बीमारियों की पहचान करनी पड़ रही है, तो क्या नियमित ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था अब भी पर्याप्त रूप से सक्रिय नहीं है?
- 82 लोगों की एनसीडी स्क्रीनिंग में कितने संभावित गंभीर मरीज मिले, और क्या उनके इलाज एवं फॉलोअप की स्थायी व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है?
- ग्रामीणों ने नियमित शिविरों की मांग की है — क्या इसका मतलब यह है कि फूलगट्टा जैसे इलाकों में स्थायी स्वास्थ्य सेवाएं अब भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं?