| भोपाल; भीषण गर्मी और लू के बीच 'प्रोजेक्ट निरामय' के तहत लगा निःशुल्क स्वास्थ्य व नेत्र शिविर Aajtak24 News |
भोपाल - मध्य प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी और जानलेवा हीटवेव (लू) की चपेट में है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा भोपाल, सीहोर और देवास सहित प्रदेश के कई जिलों में अत्यधिक तापमान को लेकर लगातार रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। राजधानी भोपाल में जहां पारा 44 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है, वहीं ग्रामीण अंचलों में तापमान 45 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा रहा है। इस झुलसाने वाली तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच सफर करना और खेतों में काम करना आमजन के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। ऐसे संवेदनशील और विकट हालातों में एमपीआरडीसी की डीबीसीपीएल (DBCPL) परियोजना ने टोल प्लाजा से गुजरने वाले राहगीरों की सेवा के साथ-साथ फंदा पंचायत में एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन कर कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) और समाज सेवा का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है।
'प्रोजेक्ट निरामय' से संवरा ग्रामीणों का स्वास्थ्य
डीबीसीपीएल–वर्टिस सीएसआर प्रबंधन द्वारा सड़क सुरक्षा एवं सामाजिक दायित्वों के ईमानदारी से निर्वहन के अंतर्गत एएसजी आई हॉस्पिटल (ASG Eye Hospital) एवं अपोलो फाउंडेशन के तकनीकी सहयोग से इस शिविर को अमलीजामा पहनाया गया। डीबीसीपीएल के "प्रोजेक्ट निरामय" के माध्यम से आयोजित इस शिविर में फंदा पंचायत और आसपास के सैकड़ों ग्रामीणों, विशेषकर बुजुर्गों और महिलाओं ने हिस्सा लिया। शिविर के दौरान डॉक्टरों की टीम द्वारा ग्रामीणों का निःशुल्क सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण और आंखों की गहन जांच की गई। जांच के उपरांत मरीजों को डॉक्टरों के परामर्श अनुसार मौके पर ही निःशुल्क दवाइयां और नजर के चश्मों का वितरण भी किया गया, जिससे ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे।
चिकित्सकों ने दिए हीटवेव से बचाव के टिप्स
शिविर में केवल इलाज ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं तकनीकी टीम द्वारा ग्रामीणों को इस भीषण गर्मी में लू से बचने के उपाय, खान-पान में बरती जाने वाली सावधानियां, नियमित स्वास्थ्य जांच के लाभ तथा समय पर उपचार के महत्व के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इस मानवीय और सेवाभावी कार्य में एमबीबीएस मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अर्पित भार्गव, संदीप मकवाना, नरेंद्र मकवाना, अजय सोलंकी सहित एएसजी हॉस्पिटल के फील्ड टेक्नीशियन सत्यम मिश्रा, राहुल गोस्वामी, विकी राय एवं अन्य सहयोगी सदस्यों ने अपनी सेवाएं देकर सराहनीय भूमिका निभाई। डीबीसीपीएल–वर्टिस सीएसआर प्रबंधन ने आश्वस्त किया है कि भविष्य में भी जनहित, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं सामाजिक कल्याण के उद्देश्य से ऐसे जनसेवा और जागरूकता के कार्यक्रम ग्रामीण अंचलों में निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।