गौरेला-पेंड्रा; अब घर का कचरा भी देगा हिसाब! गौरेला में साफ संदेश—अलग करो, नहीं तो जुर्माना भरो Aajtak24 News

गौरेला-पेंड्रा; अब घर का कचरा भी देगा हिसाब! गौरेला में साफ संदेश—अलग करो, नहीं तो जुर्माना भरो Aajtak24 News

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही - सिर्फ सफाई अभियान चलाने से शहर स्वच्छ नहीं बनते, इसके लिए नागरिकों की आदतों और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों में बदलाव जरूरी होता है। इसी सोच के साथ नगरपालिका गौरेला में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जन-जागरूकता बैठक आयोजित की गई।

बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, पार्षद और नगरपालिका अधिकारियों ने भाग लिया। चर्चा का केंद्र शहर में कचरा प्रबंधन को व्यवहारिक और जवाबदेह बनाना रहा।

बैठक में यह तय किया गया कि वार्ड स्तर पर स्वच्छता अभियान को मजबूत करने के लिए जनप्रतिनिधियों को सक्रिय भूमिका दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप पार्षदों और अध्यक्ष को उनके-अपने क्षेत्रों के लिए ‘लीड फैसिलिटेटर’ की भूमिका में काम करने की जिम्मेदारी दी गई।

बैठक की सबसे महत्वपूर्ण चर्चा कचरे के 4-स्तरीय पृथक्करण को लेकर रही। नए नियमों के तहत नागरिकों को अब कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में देना होगा—

  • गीला कचरा – रसोई का कचरा, भोजन अवशेष, छिलके
  • सूखा कचरा – प्लास्टिक, कागज, धातु, कांच
  • स्वच्छता अपशिष्ट – डायपर, सैनिटरी नैपकिन
  • विशेष कचरा – एक्सपायर्ड दवाएं, बल्ब, बैटरी

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रतिदिन 100 किलो से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों—जैसे होटल, अस्पताल और बड़े आवासीय परिसर—को अपने परिसर में ही कचरे का प्रसंस्करण करना होगा। नगरपालिका ने यह संकेत भी दिया कि नियमों के उल्लंघन पर अब केवल समझाइश नहीं होगी। खुले में कचरा फेंकने, प्लास्टिक जलाने या मिश्रित कचरा देने वालों पर ‘प्रदूषण भुगतान करेगा’ सिद्धांत के तहत मौके पर ही जुर्माना लगाया जा सकता है। नागरिकों की शिकायतों और सूचना के लिए निदान 1100 और व्हाट्सएप चैट बोट 8519009090 के उपयोग की जानकारी भी दी गई। बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि गौरेला को केवल साफ नहीं बल्कि व्यवस्थित और पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार नगर बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. 4-स्तरीय कचरा पृथक्करण लागू करने से पहले क्या हर वार्ड में अलग-अलग संग्रहण और प्रसंस्करण की व्यवस्था तैयार है?

2. ‘प्रदूषण भुगतान करेगा’ सिद्धांत के तहत जुर्माना लगाने की प्रक्रिया क्या होगी और उसकी निगरानी कौन करेगा?

3. 100 किलो से अधिक कचरा पैदा करने वाले संस्थानों में अभी कितने ऐसे हैं जो पहले से नियमों का पालन कर रहे हैं और कितनों पर कार्रवाई प्रस्तावित है?

Post a Comment

Previous Post Next Post